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बड़ी कार्रवाई: नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की हिरासत में मोटेगावकर, शिक्षा जगत में मचा हड़कंप

Latur News. देशभर में सनसनी फैलाने वाले नीट पेपर लीक मामले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने महाराष्ट्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए लातूर के चर्चित ‘आरसीसी’ नालंदा कैंपस रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस के संचालक शिवराज मोटेगावकर को हिरासत में लिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्यभर के कोचिंग और शिक्षा जगत में भारी हड़कंप मच गया है।
मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में सफलता का प्रतीक माने जाने वाले ‘लातूर पैटर्न’ पर अब गंभीर सवाल उठने लगे हैं। जिस शहर को देशभर में टॉपर तैयार करने के लिए जाना जाता था, वहीं पेपर लीक कनेक्शन सामने आने से शिक्षा व्यवस्था की साख को बड़ा झटका माना जा रहा है।
सीबीआई की विशेष टीम पिछले कई दिनों से लातूर में जांच कर रही थी। शुक्रवार को शिवराज मोटेगावकर के निवास पर करीब नौ घंटे तक पूछताछ की गई। इसके बाद उन्हें पुणे स्थित सीबीआई कार्यालय में बुलाया गया, जहां लगभग 11 घंटे तक मैराथन पूछताछ चली। सूत्रों के अनुसार, सोमवार को उन्हें पुणे न्यायालय में पेश कर 10 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की गई।
इसी दौरान सीबीआई अधिकारियों ने आरसीसी क्लासेस के मुख्य कार्यालय पर छापा मारकर कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। जांच एजेंसियों को कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मिलने की चर्चा है।
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मॉक टेस्ट के 42 सवाल मुख्य परीक्षा में आने का आरोप
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल उस शिकायत से खड़ा हुआ, जिसमें एक अभिभावक ने आरोप लगाया कि आरसीसी क्लासेस की मॉक टेस्ट परीक्षा में पूछे गए 42 सवाल हूबहू नीट परीक्षा में आए थे।
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में भी मोटेगावकर कथित तौर पर छात्रों से पूछते नजर आए कि, “हमारे सराव पेपर के कितने सवाल मुख्य परीक्षा में आए?”
इन घटनाओं के बाद जांच एजेंसियों का संदेह और गहरा हो गया तथा सीबीआई ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी।
कुलकर्णी कनेक्शन से नई दिशा में जांच
इससे पहले लातूर के सेवानिवृत्त प्राध्यापक पी. वी. कुलकर्णी को भी सीबीआई ने हिरासत में लिया था। बताया जा रहा है कि वे नीट पेपर सेटिंग प्रक्रिया से जुड़ी समिति का हिस्सा थे।
अब जांच एजेंसियां मोटेगावकर और कुलकर्णी के बीच संबंध, पेपर लीक नेटवर्क, एजेंटों, दलालों और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। सूत्रों का दावा है कि सीबीआई इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
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नांदेड़ तक दहशत, कई कोचिंग क्लासेस बंद
सीबीआई की इस कार्रवाई का असर पड़ोसी नांदेड़ जिले तक दिखाई देने लगा है। चर्चा है कि कई बड़े निजी कोचिंग संचालकों ने अचानक क्लासेस बंद कर विद्यार्थियों को छुट्टी दे दी है।
शिक्षा क्षेत्र में भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है। अब यह चर्चा तेज हो गई है कि जांच की आंच और किन-किन संस्थानों तक पहुंचेगी।
‘लातूर पैटर्न’ की साख पर बड़ा सवाल
मेडिकल और इंजीनियरिंग परीक्षाओं की तैयारी के लिए मशहूर ‘लातूर पैटर्न’ की प्रतिष्ठा इस मामले से बुरी तरह प्रभावित हुई है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि यदि शिक्षा देने वाले ही सफलता के लिए गलत रास्ते अपनाने लगें, तो विद्यार्थियों को क्या संदेश जाएगा। इस पूरे प्रकरण ने प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता, कोचिंग संस्थानों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और शिक्षा के व्यवसायीकरण पर भी नई बहस छेड़ दी है।
देशभर में छापे, अब तक 9 गिरफ्तार
3 मई को आयोजित नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोप सामने आने के बाद केंद्र सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी थी। अब तक इस मामले में नौ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
कई राज्यों में छापेमारी कर एजेंटों, कोचिंग सेंटरों और शैक्षणिक संस्थानों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पेपर कितने छात्रों और अभिभावकों तक पहुंचा था।
अभिभावक भी सीबीआई के रडार पर
सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां अब उन अभिभावकों की भी जानकारी जुटा रही हैं, जिन्होंने कथित तौर पर अपने बच्चों के लिए पेपर खरीदा था। यदि आने वाले दिनों में अभिभावकों पर भी कार्रवाई होती है, तो यह मामला देश के सबसे बड़े परीक्षा घोटालों में शामिल हो सकता है।
लातूर से देशभर तक मोटेगावकर की चर्चा
पिछले चार-पांच दिनों से सोशल मीडिया पर शिवराज मोटेगावकर का नाम चर्चा का विषय बना हुआ है। कुछ लोग इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश बता रहे हैं, जबकि कई लोगों का मानना है कि सीबीआई बिना ठोस आधार इतनी बड़ी कार्रवाई नहीं करती।
इधर, यह भी चर्चा है कि सीबीआई की एक और टीम अभी भी लातूर में सक्रिय है और आने वाले दिनों में इस मामले में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं।
Created On :   18 May 2026 10:45 PM IST













