Nagpur News: अंबाझरी तालाब में नहीं थम रहा जलकुंभी का फैलाव, रोज 5 टन निकालने के बाद भी चुनौती बरकरार

  • हार्वेस्टर, जेसीबी और टिप्परों की मदद से चल रहा अभियान
  • रोज एक एकड़ क्षेत्र की हो रही सफाई

Nagpur News शहर के अंबाझरी तालाब में जलकुंभी (जलपर्णी) का तेजी से फैलाव मनपा के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। लगातार सफाई अभियान चलाने के बावजूद जलकुंभी का विस्तार नहीं रुक रहा है। इसके कारण तालाब में ऑक्सीजन का स्तर प्रभावित हो रहा है, जिससे जलीय जीवों के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है।

मनपा का घनकचरा व्यवस्थापन विभाग विशेष अभियान चलाकर प्रतिदिन 5 टन से अधिक जलकुंभी निकाल रहा है। हटाई गई जलकुंभी को मेट्रो पार्क के पास जमीन में दबाकर पर्यावरण अनुकूल तरीके से नष्ट किया जा रहा है।

हार्वेस्टर मशीन से हो रही सफाई : 'प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना' और 'जिला खनिज प्रतिष्ठान' के तहत उपलब्ध कराई गई दो अत्याधुनिक हार्वेस्टर मशीनों की मदद से तालाब की सतह से जलकुंभी हटाई जा रही है। अभियान में मनपा के 5 पोकलेन, 10 जेसीबी और 15 टिप्पर भी लगाए गए हैं। नदी सफाई अभियान बंद होने के बाद इन संसाधनों को अंबाझरी तालाब में लगाया गया है।

रोज एक एकड़ क्षेत्र हो रहा साफ : हार्वेस्टर मशीन एक बार में लगभग पांच टन जलकुंभी निकालने में सक्षम है। अभियान के तहत प्रतिदिन लगभग एक एकड़ क्षेत्र की सफाई की जा रही है। मार्च से शुरू हुए इस विशेष अभियान की निगरानी मुख्यालय के स्वच्छता अधिकारी दीनदयाल टेंभेकर और धरमपेठ जोन के अधिकारी लोकेश बासनवार कर रहे हैं।

पर्यावरण संरक्षण पर जोर : मनपा अधिकारियों के अनुसार, जलकुंभी हटाने का अभियान लगातार जारी रहेगा। उद्देश्य तालाब की जलधारण क्षमता बढ़ाने, ऑक्सीजन स्तर बनाए रखने और जलीय जैव विविधता को सुरक्षित रखना है। हटाई गई जलकुंभी का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा रहा है ताकि दोबारा उसका फैलाव न हो।


Created On :   18 July 2026 6:11 PM IST

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