Nagpur News: नागपुर में उद्धव का शक्ति प्रदर्शन: बोले- राम के नाम पर राजनीति नहीं चलेगी

नागपुर में उद्धव का शक्ति प्रदर्शन: बोले- राम के नाम पर राजनीति नहीं चलेगी
  • भाजपा के खिलाफ नए आंदोलन का ऐलान
  • संघ की धरती पर ठाकरे का हमला: फडणवीस को घेरा
  • भागवत से पूछा बड़ा सवाल

Nagpur News राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के मुख्यालय वाले शहर नागपुर से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर बड़ा राजनीतिक हमला बोला। रामनगर स्थित राम मंदिर में रामरक्षा पाठ और महाआरती के बाद आयोजित सभा में ठाकरे ने कहा कि अब राम के नाम पर राजनीति करने वालों को जवाब देने का समय आ गया है और यहीं से एक नए आंदोलन की शुरुआत हो रही है।

ठाकरे ने कहा कि भगवान राम आस्था, न्याय और मर्यादा के प्रतीक हैं, लेकिन आज सत्ता में बैठे लोग उनके आदर्शों से दूर होते जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि देश और महाराष्ट्र में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और जनता को इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी।

फडणवीस को जवाब: "वे रामरक्षा पढ़ते हैं, हम राम के आदर्शों की रक्षा करते हैं" : मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से रामरक्षा को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ठाकरे ने कहा कि रामरक्षा का पाठ करना अच्छी बात है, लेकिन उससे भी जरूरी राम के आदर्शों का पालन करना है। उन्होंने कहा, "कुछ लोग रामरक्षा सुनाते हैं, हम राम के आदर्शों और मूल्यों की रक्षा करने का काम करते हैं।"

संघ प्रमुख मोहन भागवत से पूछा सवाल : अपने भाषण में ठाकरे ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का नाम लेते हुए कहा कि आज जो माहौल देश में बन रहा है, क्या वह संघ की विचारधारा के अनुरूप है? उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र का अर्थ समाज में सुरक्षा, न्याय और सम्मान सुनिश्चित करना होना चाहिए, न कि भय और विभाजन का वातावरण बनाना।

राम मंदिर से राजनीतिक संदेश : सभा से पहले उद्धव ठाकरे ने रामनगर के राम मंदिर में रामरक्षा पाठ और महाआरती में हिस्सा लिया। उनके साथ आदित्य ठाकरे, सांसद संजय राउत और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। मंदिर समिति ने ठाकरे का भगवा शॉल पहनाकर स्वागत किया।

बारिश में भी डटे रहे समर्थक : कार्यक्रम के दौरान रुक-रुककर बारिश होती रही, लेकिन बड़ी संख्या में शिवसैनिक और समर्थक मौके पर मौजूद रहे। भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर के आसपास यातायात व्यवस्था में भी बदलाव करना पड़ा। सभा के दौरान "जय श्रीराम" और शिवसेना के समर्थन में नारे भी लगाए गए।

राजनीतिक मायने : राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आरएसएस मुख्यालय वाले नागपुर से भाजपा पर सीधा हमला कर उद्धव ठाकरे ने आगामी राजनीतिक लड़ाई का संकेत दिया है। राम मंदिर के मंच से दिया गया यह संदेश केवल धार्मिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भाजपा और संघ दोनों के लिए एक राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।


Created On :   18 July 2026 6:41 PM IST

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