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Nagpur News: ईरान युद्ध से बाघ भी परेशान, अटक गया उसका दांत

Nagpur News दांत टूट जाने से नागपुर के एक बाघ को खाने में तकलीफ हो रही थी। कुछ समय पहले इजरायल के डॉक्टरों की टीम ने इस बाघ के लिए इजराइल से दांत भेजने का आश्वासन दिया था। इसके बाद भारत में यह पहला प्रयोग होने वाला था, लेकिन युद्ध से उत्पन्न तनाव के कारण बाघ का यह दांत अब तक नागपुर नहीं पहुंच पाया है।
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कुएं में गिर गया था : इस 6 वर्षीय नर बाघ को गोरेगांव (गोरेगांव) स्थित वाइल्ड लाइफ रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर (डब्ल्यूआरटीसी) से लाकर ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर में रखा गया है। यह बाघ खापा क्षेत्र से लाया गया था, जहां शिकार के दौरान वह एक कुएं में गिर गया था। इस हादसे में उसके सामने के दो नुकीले दांत (कैनाइन टीथ) टूट गए, जो शिकार पकड़ने और मांस चीरने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। नतीजतन, बाघ अब हड्डियों वाला मांस ठीक से नहीं खा पा रहा है, जिससे उसकी सेहत प्रभावित हो रही है।
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स्वेच्छा से प्रस्ताव दिया था : कुछ महीने पहले नागपुर में आयोजित इंटरनेशनल डेंटल कॉन्फ्रेंस (दंत चिकित्सा पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन) में शामिल इजरायली डॉक्टरों के दल ने टीटीसी का दौरा किया था। यहां उन्होंने वन्यजीवों की चिकित्सा व्यवस्था और बुनियादी ढांचे को देखा। टीटीसी के समन्वयक कुंदन हाते ने उन्हें इस बाघ की स्थिति के बारे में विस्तार से बताया। इजरायली विशेषज्ञों ने स्वेच्छा से इस बाघ के लिए डेंटल इम्प्लांट करने का प्रस्ताव दिया था और पूरी प्रक्रिया का खर्च भी वहन करने की पेशकश की थी। उन्होंने प्लैटिनम या उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से दांत बनवाने की बात कही है। यह प्रयोग वन्यजीव चिकित्सा के क्षेत्र में ऐतिहासिक होनेवाला था।
Created On :   25 April 2026 3:04 PM IST












