Nagpur News: प्रतिबंध के बावजूद गांधीसागर तालाब में गणपति विसर्जन, मनपा प्रशासन में मचा हड़कंप

प्रतिबंध के बावजूद गांधीसागर तालाब में गणपति विसर्जन, मनपा प्रशासन में मचा हड़कंप
  • धंतोली के सहायक आयुक्त से मांगा गया स्पष्टीकरण
  • ऐतिहासिक मस्करिया गणपति का देर रात किया गया विसर्जन
  • तैराक और प्रतिमा स्थापित करने वालों पर भी कार्रवाई की तैयारी

Nagpur News महानगरपालिका प्रशासन की ओर से प्राकृतिक जलस्रोतों में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद गांधीसागर तालाब में गणपति विसर्जन का मामला सामने आया है। ऐतिहासिक मस्करिया गणपति की प्रतिमा के विसर्जन का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पूरे शहर में चर्चा शुरू हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए मनपा के घनकचरा व्यवस्थापन कक्ष के उपायुक्त राजेश भगत ने तत्काल जानकारी ली। तालाब में विसर्जन की पुष्टि होने के बाद उन्होंने धंतोली जोन के सहायक आयुक्त प्रमोद वानखेड़े को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।

महानगरपालिका प्रशासन ने वर्ष 2015 से शहर के प्राकृतिक तालाबों में गणेश, दुर्गा समेत अन्य प्रतिमाओं के विसर्जन पर प्रतिबंध लगाया है। गणेशोत्सव के दौरान प्रतिमा विसर्जन के लिए शहर में 465 से अधिक कृत्रिम टैंक और 5 स्थानों पर आरसीसी टैंक की व्यवस्था की गई है। गांधीसागर तालाब में भी आरसीसी टैंक उपलब्ध होने के बावजूद गुरुवार देर रात ऐतिहासिक मस्करिया गणपति की भव्य प्रतिमा का तालाब में विसर्जन कर दिया गया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तैराक जगदीश खरे की सहायता से गणेश प्रतिमा का विसर्जन करते हुए दिखाई दे रहा है। शुक्रवार सुबह यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और मनपा अधिकारियों के वॉट्सऐप ग्रुप तक पहुंच गया। इसके बाद मनपा आयुक्त डॉ. विपिन ने मामले की जानकारी मांगी। उपायुक्त राजेश भगत ने धंतोली जोन के सहायक आयुक्त प्रमोद वानखेड़े को नोटिस जारी कर प्रतिबंध के बावजूद तालाब में विसर्जन होने पर स्पष्टीकरण देने को कहा है। इसके साथ ही तैराक जगदीश खरे और प्रतिमा स्थापित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

पीएचई विभाग की लापरवाही उजागर : राज्य सरकार और मनपा आयुक्त डॉ. विपिन की ओर से प्राकृतिक जलस्रोतों में गणेश सहित सभी प्रतिमाओं के विसर्जन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। तालाबों में इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग (पीएचई) विभाग की है। इसके बावजूद गांधीसागर तालाब में मस्करिया गणपति के विसर्जन को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम नहीं किए जाने का मामला सामने आया है।

पीएचई विभाग की अधीक्षक अभियंता श्वेता बनर्जी समेत संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। गुरुवार रात हुई इस घटना के बाद अब मनपा प्रशासन की ओर से जिम्मेदारी तय करने और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।


Created On :   9 Oct 2026 4:14 PM IST

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