Nagpur News: सरकार से संपर्क व समन्वय का कार्य करेगी आरएसएस की प्रदेश समिति, विस्तार के संबंध में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने दी जानकारी

सरकार से संपर्क व समन्वय का कार्य करेगी आरएसएस की प्रदेश समिति, विस्तार के संबंध में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने दी जानकारी
  • आरएसएस के विस्तार के संबंध में सरसंघचालक डॉ.मोहन भागवत ने दी जानकारी
  • अनुकुलता को बाधा नहीं बनने देने के लिए देंगे आवश्यक वेक्सीन
  • सरकार से संपर्क व समन्वय का कार्य करेगी आरएसएस की प्रदेश समिति

Nagpur News. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विस्तार के साथ ही संगठनात्मक बदलाव में कई नए बदलाव देखने को मिलेंगे। राज्य स्तर पर प्रदेश समिति या कार्यकारिणी के तौर पर एक विशेष व्यवस्था तैयार की जा रही है जो केवल सरकार से संपर्क व समन्वय का कार्य करेगी। इसके अलावा समाज व सरकार में काम कर रहे संघ के स्वयंसेवक अर्थात कार्यकर्ताओं पर नियंत्रण की नियोजित योजना बनेगी। संघ में जिला स्तर पर छोटी इकाईयां बनेगी। अब तक संगठन की रणनीतिक मामले में केंद्रीय स्तर से जो निर्णय लिये जाते रहे हैं वह निर्णय छोटी इकाईयों के माध्यम से लिए जाएंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ.मोहन भागवत ने जानकारी देते हुए कहा है कि संगठनात्मक कार्य व दायित्वों में बदलाव के बावजूद संघ की कार्यपद्धति में कोई बदलाव नहीं होगा। अनुकुल स्थिति को सबसे बड़ी चुनौती ठहराते हुए उन्होंने कहा कि यही वह स्थिति है जिसमें गिरने की अधिक संभावना रहती है। संघ की स्थापना के समय चुनौतियां अलग थी। अब अलग है। संघ से अपेक्षाएं भी बढ़ी है। ऐसे में संघ कार्य का विकेंद्रीकरण आवश्यक है। गुरुवार को मराठी समाचार पत्र तरुण भारत के स्थापना दिन पर आयोजित विशेष साक्षात्कार कार्यक्रम में सरसंघचालक डॉ.भागवत बोल रहे थे। कार्यक्रम का आयोजन रेशमबाग परिसर स्थित सुरेश भट सभागृह में किया गया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितीन गडकरी, पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, जलसंसाधन मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील, आदिवासी कल्याण मंत्री अशोक उइके, पूर्व केंद्रीय मंत्री हंसराज अहिर, महापौर नीता ठाकरे सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

संघ का स्वरुप बदल रहा

सरसंघचालक डॉ.भागवत ने कहा संघ की मूल पद्धति समाज में परिवर्तन के कार्य से जुड़ी है। अनुशासन, आचरण व राष्ट्रसेवा के लिए स्वयंसेवक तैयार करके उन्हें दायित्व दिया जाता है कि वे समाज में जाएं और सदचरित्र का उदाहरण बनकर समाज को भी उसी अनुरुप तैयार करें। संघ की यह कार्य पद्धति कायम रहेगी। लेकिन बाकी स्वरुप में बदलाव होगा। अब अनिवार्य किया जाएगा के प्रत्येक माह या 2-3 माह में प्रत्येक स्तर की कार्यकारिणी के कार्यकर्ता एकत्र हो। इससे सुख दुख की बातें साझा होगी। संबंध अच्छे होंगे। संघ को समझने में मदद मिलेगी। संघ के समाज संपर्क कार्यक्रम में अब महिलाओं की भी टीम होगी। संघ का काम बढ़ने से उसकी रचना विकेंद्रित होना आवश्यक है। संघ की छोटी इकाईयां तैयार होगी। पहले जो कार्य केंद्रीय स्तर से होते थे वह अब निचले स्तर से होंगे। कंपनी या किसी मुवमेंटी के बढ़ने पर इस तरह के बदलाव होते रहते है। यह बदलाव स्वाभाविक है।

विवेकपूर्ण हो बातें

सरसंघचालक डॉ.भागवत ने कहा कि प्रत्येक स्थिति में विवेकपूर्ण बातें होनी चाहिए। यह सही है कि सोशल मीडिया पर कुछ बातें ऐसी कर दी जाती है जिससे संघ के प्रति गलतफहमी होती है। ऐसी बातें करनेवाले कुछ स्वयंसेवक भी रहते हैं। तकनीकी के सही इस्तेमाल के लिए स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। संघ की बात रखने के लिए पदाधिकारी अधिकृत हैं। बतौर सरसंघचालक मेरी बातें अधिकृत मानी जायेगी। समाज के बीच भी इस संबंध में जनजागरण किया जाएगा। विपरीत स्थिति की चुनौतियों में कार्य करने के लिए संघ ने जो कुछ किया उसके अलावा अब अनुकुल परिस्थिति को बाधक नहीं बनने देने के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। अनुकुलता के सही इस्तेमाल के लिए संघ की ओर से भरपूर वेक्सीनेशन दिया जाएगा।

Created On :   19 March 2026 8:03 PM IST

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