Nagpur News: आरटीओ का बोगस कारनामा, गुमनाम खत से खुला फर्जी ट्रक री-रजिस्ट्रेशन का राज

आरटीओ का बोगस कारनामा, गुमनाम खत से खुला फर्जी ट्रक री-रजिस्ट्रेशन का राज
  • चार ट्रकों के फर्जी दस्तावेजों का खुलास
  • शिकायतकर्ता अब भी रहस्य
  • 9 अफसरों-कर्मचारियों पर विभागीय जांच

Nagpur News नागपुर ग्रामीण आरटीओ में वर्ष 2022 में हुए चार ट्रकों के संदिग्ध री-रजिस्ट्रेशन का मामला एक गुमनाम पत्र के जरिए फिर सुर्खियों में आ गया है। इस पत्र के आधार पर आरटीओ निरीक्षक होमेश काले की शिकायत पर कपिलनगर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। हालांकि, फर्जीवाड़े का खुलासा करने वाले गुमनाम शिकायतकर्ता की पहचान अब तक रहस्य बनी हुई है।

मामले में मो. हुसैन, दिनेशकुमार ओमप्रकाश, मो. एजाज उर्फ गुड्डू और अब्दुल आसिफ के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पूरे नेटवर्क और गुमनाम शिकायतकर्ता तक पहुंचने में सफलता मिल सकेगी।

25 मई को पहुंचे गुमनाम पत्र से खुला राज : सूत्रों के अनुसार 25 मई 2026 को नागपुर ग्रामीण आरटीओ कार्यालय में एक गुमनाम पत्र पहुंचा था। इसमें दावा किया गया था कि वर्ष 2022 में अरुणाचल प्रदेश से महाराष्ट्र में री-रजिस्ट्रेशन कराए गए चार ट्रक चोरी के हैं और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उन्हें नए पंजीकरण नंबर जारी किए गए हैं।

जांच में सामने आया कि मार्च 2022 में एआर-01-वाई-0360, 1142, 1145 और 1138 नंबर वाले ट्रकों का नागपुर ग्रामीण आरटीओ में री-रजिस्ट्रेशन कर उन्हें एमएच-40-सीडी-5829, 6773, 6775 और 6776 नंबर आवंटित किए गए थे। आगे की जांच में इन वाहनों का संबंध मध्यप्रदेश के पंजीकरण नंबरों से जुड़ा मिला।

देवास आरटीओ और कंपनी रिकॉर्ड में नहीं मिले दस्तावेज : जांच के दौरान नागपुर आरटीओ ने जब देवास आरटीओ से जानकारी मांगी तो संबंधित नंबरों का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। वहीं, वाहन निर्माता अशोक लेलैंड के अधिकृत डीलर ने भी संबंधित चेसिस नंबर कंपनी के ऑनलाइन डेटाबेस में मौजूद नहीं होने की पुष्टि की। इससे फर्जी दस्तावेजों के जरिए पूरा री-रजिस्ट्रेशन कराने की आशंका मजबूत हो गई। जांच में आरोपी दिनेशकुमार ओमप्रकाश की भूमिका प्रमुख बताई जा रही है।

उगाही की लड़ाई से भी जोड़कर देखी जा रही जांच : सूत्रों के मुताबिक इस पूरे मामले को ट्रांसपोर्ट कारोबार में कथित उगाही और वर्चस्व की लड़ाई से भी जोड़कर देखा जा रहा है। चर्चा है कि जांच की आंच कुछ बड़े ट्रांसपोर्टरों तक पहुंचने लगी है और कार्रवाई से बचने के लिए कई लोग राजनीतिक और प्रभावशाली व्यक्तियों का सहारा लेने में जुटे हैं।

पुराने आरसी घोटाले की याद हुई ताजा : यह मामला नागपुर के चर्चित 1,587 फर्जी आरसी बुक घोटाले की याद भी ताजा कर रहा है। उस मामले में गठित एसआईटी ने दो मुख्य आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था और 498 ट्रक जब्त किए थे, लेकिन आज भी 1,300 से अधिक ट्रकों का कोई पता नहीं चल पाया है।

9 अधिकारी-कर्मचारियों को 7 अगस्त को तलब : ताजा मामले के बाद आरटीओ प्रशासन ने उस समय पदस्थ रहे नौ अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। इनमें उदसिंह पाटील, अमित कराड, कुंदन वाढिवधरे, भरत गायकवाड़, दीपक गुल्हाने, मंगेश सोनुले, गजानन सोनोने के साथ राजेश शरक और शांताराम फासे शामिल हैं। जांच समिति ने सभी को 7 अगस्त को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं।


Created On :   21 July 2026 4:13 PM IST

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