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Nagpur News: शिकायत की जांच में लापरवाही और गलत जानकारी देना पुलिस निरीक्षक को पड़ा भारी

Nagpur News महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की दुय्यम निरीक्षक, राज्य उत्पादन शुल्क परीक्षा में अंकांकन से संबंधित गोपनीय दस्तावेज उजागर होने की शिकायत की जांच में लापरवाही और गलत जानकारी देने के मामले में नागपुर पुलिस ने तत्कालीन पुलिस निरीक्षक राहुल शिरे के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की है। उनके कथित गैरकानूनी आचरण को लेकर विभागीय जांच भी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार, परीक्षार्थी रवींद्र दिनकर इंगोले और अन्य उम्मीदवारों ने 3 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की उक्त परीक्षा में गुणांकन से संबंधित गोपनीय दस्तावेज उजागर होने की शिकायत पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा), नागपुर शहर के पास की थी। इस शिकायत की आगे जांच के लिए इसे अपराध शाखा के सामाजिक सुरक्षा विभाग के तत्कालीन पुलिस निरीक्षक राहुल शिरे को सौंपा गया था।
3 अप्रैल को फाइल बंद करने की रिपोर्ट
जांच के बाद पुलिस निरीक्षक राहुल शिरे ने 3 अप्रैल 2026 को पुलिस उपायुक्त (अपराध शाखा) को शिकायत की फाइल बंद करने के संबंध में रिपोर्ट सौंपी। रिपोर्ट में उन्होंने दावा किया कि इस मामले की पहले अपराध शाखा, नवी मुंबई की यूनिट-2 के पुलिस निरीक्षक अनिल पाटील ने जांच की थी। शिरे ने रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया कि उन्होंने अनिल पाटील से फोन पर संपर्क किया था और फोन पर मिली जानकारी के आधार पर पाटील ने जांच में ज्वाइंट कमिश्नर और अन्य एक्साइज विभाग के अधिकारियों को दोषी बताते हुए रिपोर्ट भेजी थी।
हालांकि, राहुल शिरे ने अपनी रिपोर्ट में इसके बजाय महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के सहसचिव और अन्य को दोषी बताया था।
फोन की रिकॉर्डिंग ने खोल दी पोल : मामले की आगे की जांच के दौरान सहायक पुलिस आयुक्त, अपराध शाखा, नागपुर शहर के समक्ष राहुल शिरे ने पुलिस निरीक्षक अनिल पाटील के साथ फोन पर हुई बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग प्रस्तुत की। जांच अधिकारी ने जब इस रिकॉर्डिंग में हुई बातचीत का सत्यापन किया तो एक महत्वपूर्ण बात सामने आई।
रिकॉर्डिंग में अनिल पाटील के साथ हुई बातचीत के दौरान महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के सहसचिव का कोई उल्लेख नहीं मिला। इसके बावजूद राहुल शिरे की रिपोर्ट में MPSC के सहसचिव पर दोष डालने की जानकारी दर्ज की गई थी।
जांच अधिकारी के अनुसार, इससे रिपोर्ट में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग के सहसचिव को दोषी ठहराने संबंधी जानकारी गलत और गुमराह करने वाली प्रतीत होती है। यही नहीं, जांच में यह सवाल भी सामने आया कि राहुल शिरे ने यह गलत जानकारी अपनी रिपोर्ट में किस उद्देश्य से दर्ज की।
इसी कथित गलत और भ्रामक जानकारी को गंभीरता से लेते हुए राहुल शिरे के खिलाफ उनके बेकायदेशीर आचरण और लापरवाही के संबंध में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है। इसके लिए उनकी विभागीय जांच की जा रही है। यह कार्रवाई सहायक पुलिस निरीक्षक एवं पुलिस जनसंपर्क अधिकारी नितीन चुलपार की ओर से जारी जानकारी के आधार पर सामने आई है।
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Created On :   10 Sept 2026 4:48 PM IST













