विशेष सत्र: सरकार ने चुनावी फायदे के लिए बुलाया संसद का विशेष सत्र, यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन

New Delhi News. कांग्रेस ने 16, 17 व 18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र के आयोजन को लेकर शुक्रवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा। प्रमुख विपक्षी दल ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनाव में लाभ उठाने के लिए सरकार ने विशेष सत्र बुलाया है। यह एक चुनावी सत्र है। सरकार का यह फैसला पूरी तरह से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। कांग्रेस ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन पर चर्चा के लिए संसद की तीन दिवसीय बैठक बुलाना सरकार का एकतरफा निर्णय है। इस बैठक को लेकर सत्तापक्ष ने विपक्ष को पूरी तरह नजरअंदाज किया है।
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कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित संवाददाता कि संसद की बैठक 16, 17 और 18 अप्रैल को बुलाई गई है। इस बारे में सरकार के साथ जो विचार विमर्श हुआ था उसमें कहा गया था कि कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव हो रहे हैं इसलिए 29 अप्रैल के बाद सर्वदलीय बैठक बुलाकर इस बारे में विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि 16 मार्च को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 202’' में प्रस्तावित संशोधनों पर चर्चा की बात कही थी।
खरगे ने रिजिजू को सुझाव दिया कि अलग-अलग चर्चा करने के बजाय सभी विपक्षी दलों को एक साथ आमंत्रित कर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए।जयराम ने बताया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी कहा कि यदि सरकार महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन करना चाहती है, तो इस पर सभी दलों की सहमति के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए।
Created On :   3 April 2026 7:43 PM IST










