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बच्चा-बच्चा बना महात्मा गांधी , 150 वी जयंती पर 150 स्टूडेन्ट्स गांधीजी बनकर पहुंचे

बच्चा-बच्चा बना महात्मा गांधी , 150 वी जयंती पर 150 स्टूडेन्ट्स गांधीजी बनकर पहुंचे

डिजिटल डेस्क , नागपुर। किसी ने बैनर में स्वच्छता का संदेश दिया तो किसी ने बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ के नारे लगाए। स्टूडेन्ट्स ने पथनाट्य के माध्यम से प्लास्टिक मुक्त भारत का संदेश दिया। फिर स्वच्छता विषय पर पथनाट्य प्रस्तुत किया गया। 150 महात्मा गांधी और 10 कस्तूरबा गांधी की वेशभूषा में बच्चों को देखकर सभी आश्चर्यचकित हुए। महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर को दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र एवं भिड़े गर्ल्स हाईस्कूल के संयुक्त तत्वावधान में "मैं भी गांधी-गांधी अभिवादन' यात्रा एवं "स्वच्छता ही सेवा' 2019-20 कार्यक्रम किया गया।  "मैं भी गांधी-गांधी' के अंतर्गत सुबह 8 बजे रैली की शुरूआत की गई।  जिसमे 150 छात्राएं महात्मा गांधी की तथा 10 छात्राएं कस्तूरबा की वेशभूषा में थी। रैली का प्रारंभ भिड़े गर्ल्स हाईस्कूल से प्रारंभ होकर मुंजे चौक वेरायटी चौक बर्डी मेन रोड  हनुमान गली से होते हुए वापस भिड़े गर्ल्स हाईस्कूल पहंुची। इसके पश्चात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में नेताजी मार्केट सीताबर्डी में प्लास्टिक निर्मूलन के लिए श्रमदान किया गया।

अहिंसा और शांति का दिया संदेश
रैली में छात्राओ में अहिंसा और शांति का संदेश दिया। इसके साथ ही समाज में जगजागृति के लिए विभिन्न संदेश दिए गए। रैली में सभी के द्वारा महात्मा गांधी का प्रिय भजन वैष्णवजन भी गाया गया। रैली में छात्राओ का जोश बरकरार रहा। इसके साथ ही रैली के दौरान रास्ते पर पड़े कचरे का संग्रह भी किया गया। साथ ही छात्राओ ने रैली के माध्यम से समाज में जनजागृति फैलाते हुए सभी को महात्मा गांधी के आदर्श पर चलने की बात कहीं।

प्लास्टिक का उपयोग बंद करें
इस अवसर पर प्लास्टिक का उपयोग बंद करने पर पथनाट्य प्रस्तुत किया गया। जिसमें पथनाट्य के द्वारा छात्राओ ने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए बहुत से कारण जिम्मेदार हैं जिनमें प्लास्टिक एक बहुत बड़ा खतरा बनकर उभरा है। दिन की शुरूआत से लेकर रात में बिस्तर में जाने तक अगर ध्यान से गौर किया जाए तो  प्लास्टिक ने किसी न किसी रूप में हर पल पर कब्जा कर रखा है। टूथब्रश से सुबह ब्रश करना हो या ऑफिस में दिन भर कम्प्यूटर पर काम, बाजार से कोई सामान लाना हो या टिफिन और वॉटर बॉटल में खाना और पानी लेकर चलना। प्लास्टिक हर जगह है हर समय है। पॉलिथीन और प्लास्टिक के इस्तेमाल करने से सबके सेहत के साथ साथ पर्यावरण के लिए भी खतरनाक है।  पथनाट्य के माध्यम से छात्राओ से प्लास्टिक मुक्त भारत बनाने का संदेश दिया। अंत में यही बताया गया कि पॉलिथीन और प्लास्टिक के बदले हम सभी जूट के थैले एवं कपड़े के थैले का प्रयोग करने लगे तो अपने आप पॉलिथीन और प्लास्टिक बंद हो जायेगा। उसके दुष्परिणाम से भी लोग बचेंगे और हमारा पर्यावरण भी शुद्ध और स्वच्छ होगा।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।