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कर्ज से त्रस्त युवा किसान ने की आत्महत्या

कर्ज से त्रस्त युवा किसान ने की आत्महत्या

डिजिटल डेस्क,यवतमाल।सरकार द्वारा डेढ़ लाख तक कर्जमाफी करने की घोषणा के एक साल बाद भी कर्ज माफ नहीं करने से नया फसल कर्ज नहीं मिल पाया। जिससे कर्ज से त्रस्त एक युवा किसान ने आत्महत्या कर ली।  यह घटना उमरखेड के नागेशवाडी निवासी इस किसान ने के दहेगांव के खेत में शनिवार के तड़के  घटी। मृतक किसान का नाम तुकाराम बापुराव गोरे (36) बताया गया  है। इस घटना के बाद नागेशवाडी में शोक व्याप्त है।

जानकारी के अनुसार गत कई दिनों से तुकाराम कर्ज से त्रस्त था। उसने बैंक में कई बार नए फसल कर्ज के लिए चक्कर लगाए, मगर कोई लाभ नहीं हुआ। क्योकि ग्रीन सूची में उसका नाम नहीं आने से पहले लिया हुआ 16  हजार 800 रु. का कर्जा माफ नहीं हो पाया। जिसके चलते उसे नया फसल कर्ज नहीं मिल पाया। इसी 16 हजार रूपए को चुकाने के लिए वह चिंताग्रस्त था। आज तड़के पत्नी से खेत के तबेले में रखी दो भैंस का दूध निकालकर लाता हूं। ऐसा बोलकर घर से निकला था। लेकिन काफी देर तक वह नहीं लौटा।  उसके  खेत के पास ही दूसरे किसानों का भी खेत है। अन्य किसान सुबह के समय जब खेत में पहुंचे तो  उन्हें तुकाराम का शव झूलता नजर आया। उसने खेत के तबेले के पास स्थित नीम के पेड़ से रस्सी बांधकर आत्महत्या कर ली। उसके पास मात्र एक एकड़ जमीन  थी।

उसी के आधार वह अपनी ग्रहस्थी चला रहा था। मगर कर्जमाफी के लिए उसने स्थानीय विविध कार्यकारी सोसाइटी को पूरे कागजात दे दिए थे। इसके बावजूद उसका नाम मुंबई से आनेवाली ग्रीन सूची में अब तक नहीं आया।  अब ग्रीन सूची आना भी बंद हो जाने से नए फसलकर्ज का रास्ता भी बंद हो गया था। जिससे मायूस होकर उसने यह कदम उठाया। इस किसान को एक पत्नी, दो बच्चे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही दहेगांव के पटवारी जयंत नारायण व्यवहारे ने खेत में जाकर उसके शव का पंचनामा कर उसकी प्राथमिक रिपोर्ट बनाकर तहसीलदार को सौप दी है। उमरखेड थाने के जमादार द्वारा भी पंचनामा कर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। जिसके बाद उनके पार्थिव पर अंतिम संस्कार शनिवार की शाम को किया गया। तुकाराम उनके माता-पिता से अलग रहकर खेती करता था। इस घटना की जानकारी उनके अभिभावकों को मिलते ही उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

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