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पीएमसी बैंक घोटाले के आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

पीएमसी बैंक घोटाले के आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई सत्र न्यायालय ने पंजाब महाराष्ट्र को-आपरेटिव (पीएमसी) बैंक के कथित घोटाले के मामले में दो आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। जिन दो आरोपियों की जमानत अर्जी को खारिज किया गया है। उनके नाम परमीत सोधी व सुरजीत सिंह है। ये दोनों बैंक के निदेशक थे। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। मामले में गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए दोनों ने कोर्ट में अग्रिम जमानत आवेदन दायर किया था। आवेदन में साफ किया था कि उनकी इस मामले में कोई भूमिका नहीं है। उन्हें गलत तरीके से प्रकरण में आरोपी बनाया गया है। वे जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। सोधी ने अर्जी में खुद को पीड़ित बताया था। लिहाजा उन्हें जमानत प्रदान की जाए। सरकारी वकील ने इन दोनों की जमानत अर्जी का विरोध किया। इस दौरान सरकारी वकील ने कहा कि मामले से जुड़े आरोपी लोन कमेटी से जुड़े थे। इसलिए इनकी हिरासत में लेकर पूछताछ किया जाना जरुरी है। मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायाधीश एसटी सूर ने दोनों के अग्रिम जमानत आवेदन को खारिज कर दिया। 
 

सरकार आश्वस्त करे समुंद्र किनारे नहीं होगा अवैध बंगलों का निर्माण    

बांबे हाईकोर्ट ने कहा है कि राज्य सरकार आश्वस्त करे की भविष्य में अलीबाग के समुद्र के किनारे प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी तरह का अवैध निर्माण नहीं होगा। इसके साथ हाईकोर्ट ने राज्य के सार्वजनिक निर्माणकार्य विभाग को अलीबाग में पाए गए अवैध बंगले को ढहाने के लिए जरुरी वाहन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति एसी धर्माधिकारी व न्यायमूर्ति रियाज छागला की खंडपीठ ने इस तरह का निर्देश अलीबाग में बडे पैमाने पर कारोबारियों द्वारा समुद्र के किनारे बनाए गए अवैध बगलों को गिराए जाने की मांग को लेकर एक गैर सरकारी संस्था की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। याचिका में दावा किया गया है कि बंगलों के निर्माण में बडे पैमाने पर कोस्टल रेग्युलेशन जोन (सीआरजेड) से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया गया है। इससेे पहले सरकारी वकील प्रियभूषण काकडे ने मामले को लेकर रायगढ के जिलाअधिकारी की ओर से दायर किए गए हलफनामे की प्रति पेश की। जिसमें साफ किया गया था कि अलीबाग में 159 बंगले ऐसे पाए गए जिनके निर्माण में नियमों का उल्लंघन किया गया है। इन सभी को नोटिस जारी की गई है। इसमे से 22 बंगले गिराए जा चुके है। 111 बंगलाधारकों ने सिविल कोर्ट से स्टे आर्डर ले लिया है। इसमे से सरकार ने 74 मामलों में  जिला न्यायालय में अपील करने का निर्णय किया है। शेष मामलो को लेकर भी जल्द निर्णय किया जाएगा। सरकार ने जिन अवैध बंगलों के मामले में जांच पूरी कर ली है उन्हें गिराने की दिशा में जल्द कदम उठाए जाएगे। इस विषय को लेकर सारे अधिकारी एक दूसरे को सहयोग दे रहे हैं। फिलहाल अलीबाग के समुद्री किनारे बंगले को लेकर नई अनुमति को लेकर कोई आवेदन नहीं प्रलंबित है। गौरतलब है कि अलीबाग में एक अवैध बंगला पंजाब नेशनल बैंक के करोड़ो रुपए के घोटाले के मामले में आरोपी नीरव मोदी का भी बंगला था। जिसे ढहा दिया गया है। 

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