दैनिक भास्कर हिंदी: कोरोना से एक और मौत के बाद संख्या हुई आठ, पांच और पॉजिटिव मिले - अबतक कुल 428

May 25th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मेयो में भर्ती कैंसर मरीज की मौत के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके साथ ही कोरोना से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो चुकी है। सोमवार को कैंसर मरीज समेत पांच की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के कारण शहर में कोरोना मरीजों की संख्या 428 हो गई है। मेयो से मिली जानकारी के अनुसार मोमिनपुरा निवासी 50 वर्षीय कैंसर पीड़ित महिला को रविवार शाम मेयो के सारी वार्ड में भर्ती किया गया था। अस्पताल पहुंची महिला की हालत काफी खराब थी। सोमवार सुबह सवा छह बजे उसकी मौत हो गई। मृतक की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। अन्य चार मरीजों में मोमिनपुरा की गर्भवती महिला और एक एसआरपीएफ जवान, सिरसपेठ और हिवरी नगर के मरीज शामिल हैं। गर्भवती महिला मोमिनपुरा की है। एसआरपीएफ जवान लकड़गंज पुलिस स्टेशन कैंप का है। इसके साथ ही एसआरपीएफ कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है।
 
15 मरीज डिस्चार्ज

सोमवार को मेयो से 15 मरीजों को डिस्चार्ज किया गया है। सभी मरीज मोमिनपुरा के हैं। इनमें 7 पुरुष 6 महिलाएं और 2 बच्चे शामिल हैं। सभी मरीजों को कोविड 19 मरीजों के डिस्चार्ज को लेकर जारी नए दिशानिर्देश के आधार पर भर्ती होने के दस दिन बाद डिस्चार्ज किया गया है।

एम्स मे तीन मरीज भर्ती

रविवार को पॉजिटिव आई जिला परिषद के राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य योजना के लिए कार्यरत महिला डॉक्टर को एम्स में भर्ती कराया गया है। इसके पहले शनिवार को बुटीबारी इलाके से पॉजिटिव आए 27 वर्षीय युवक व उसके 52 वर्षीय पिता को भी एम्स में भर्ती कराया गया है।  एम्स से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली से 20 मई को नागपुर आए बुटीबोरी के 22 वर्षीय युवक को संदिग्ध वार्ड में भर्ती किया गया है। कोरोना जांच के लिए उसका सैंपल लिया गया है और रिपोर्ट का इंतजार है। उल्लेखनीय है कि अबतक मेयो और मेडिकल में ही कोरोना मरीजों का उपचार हो रहा था, लेकिन अब एम्स में भी कोरोना मरीजों का उपचार शुरू हो गया है। 

क्वारेंटाइन सेंटर में लगे मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ की भी होगी जांच

नर्स के बाद एक डॉक्टर भी कोरोना पॉजिटिव आने से हरकत प्रशासन ने क्वारेंटाइन सेंटर में तैनात मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ की स्वास्थ्य जांच करने का निर्णय किया है। हालांकि यह अनिवार्य नहीं होगा। स्टाफ कोरोना संक्रमित न हो, इसलिए यह एहतियातन कदम उठाया जा रहा है। मनपा की एक नर्स कोरोना पॉजिटिव आने के बाद जिला परिषद की डॉक्टर भी कोरोना पाजिटिव पाई गईं। डॉक्टर विधायक निवास के क्वारेंटाइन सेंटर में तैनात थी। हालांकि पिछले दो सप्ताह से वह छुट्टी पर थीं। नर्स व डॉक्टर कोरोना संक्रमित होने से मनपा प्रशासन अपने मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ को लेकर काफी सतर्क हो गया है। 10 स्थानों पर संदिग्धों को क्वारेंटाइन किया गया है। मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ यहां दो शिफ्ट में काम करता है। इसके अलावा अन्य जरूरी सेवा के लिए कर्मचारी तैनात रहते हैं। पुलिस भी 24 घंटे तैनात रहती है। डॉक्टरों की टीम क्वारेंटाइन सेंटर जाकर संदिग्ध लोगों के स्वैब के नमूने लेती है। दो बार यह नमूने लिए जाते हैं। संदिग्धों के नमूने लेने के साथ ही मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ की भी स्वास्थ्य जांच की जाएगी। 

क्वारेंटाइन सेटर

विधायक निवास, वीएनआईटी, पांचपावली, रवि भवन, वनामती, सिम्बॉसिस, लॉ कालेज होस्टेल, आरपीटीएस के अलावा शहर में दो होटलों में भी संदिग्धों को रखा गया है।

सावधानी बरतना जरूरी है

राम जोशी, अतिरिक्त आयुक्त मनपा ने कहा कि क्वारेंटाइन सेंटरों में बड़ी संख्या में मेडिकल, पैरामेडिकल व अन्य स्टाफ तैनात है। संदिग्धों के संपर्क में मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ आता है। कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आने का खतरा रहता है। सावधानी के तौर पर मेडिकल व पैरामेडिकल स्टाफ की जांच होगी। कोरोना के लक्षण दिखाई देने पर स्वैब के नमूने जांचे जाएंगे। स्टाफ अगर अपने स्वैब के नमूनों की जांच करना चाहता है, तो उसके नमूने भी लिए जाएंगे। स्टाफ के लिए यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया जा रहा है।