दैनिक भास्कर हिंदी: फलोत्पादन में बढ़ा किसानों का रूझान

July 29th, 2019

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर। धान उत्पादक क्षेत्र के रूप में पहचाने जानेवाले चंद्रपुर जिले के किसान अब फलोत्पादन में रुचि दिखा रहे हैं। एकात्मिक फलोत्पादन विकास अभियान अंतर्गत भाऊसाहेब फुंडकर फलबाग रोपाई योजना के तहत चंद्रपुर जिले में इस वर्ष 1 हजार 89 किसान फल उत्पादन कर रहे है। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष फलोत्पादन का क्षेत्र में बढ़ने का अनुमान कृषि विभाग ने जताया है। बता दें कि इस संबंध में विगत 17 जुलाई को जिलाधिकारी डॉ.कुणाल खेमनार की अध्यक्षता में जिला फलोत्पादन अभियान समिति की बैठक संपन्न हुई, जिसमें एकात्मिक फलोत्पादन विकास अभियान अंतर्गत वार्षिक कृति प्रारूप वर्ष 2019-20 पर विस्तृत चर्चा की गई।

गौरतलब है कि, चंद्रपुर जिले में धान, सोयाबीन, कपास व तुअर जैसे फसलें ली जाती है।  साथ ही किसान अब फलोत्पादन करने में रुचि दिखा रहे हैं। जानकारी के अनुसार चंद्रपुर जिले में 1 हजार 460 किसान है, जो फलों का उत्पादन लेते हैं। चंद्रपुर जिले में प्रमुख रूप से आम, पेरू, चिकू का उत्पादन लिया जाता है।   पिछले वर्ष 38.40 हेक्टेयर पर फलोत्पादन हुआ था। इस वर्ष भाऊसाहेब फुंडकर फलबाग रोपाई योजना अंतर्गत अब तक 2 हजार 24 किसानों के ऑनलाइन आवेदन आएं। 'ड्रॉÓ के माध्यम से कुल 1245 आवेदनों का चयन किया गया। जिसमें 1089 किसानों को मंजूरी दी गई। इस वर्ष 300 हेक्टेयर पर फलोत्पादन होने की संभावना है।  जिले की वरोरा, भद्रावती, चिमूर, चंद्रपुर, राजुरा, कोरपना व जिवती जैसे तहसीलों में फलोत्पादन लिया जाता है। चंद्रपुर जिले में 2709.55 हेक्टेयर पर फूल, फल, सब्जी, प्याज का उत्पादन होता है। फूल के लिए 16 हेक्टेयर, फल के लिए 139.02 हेक्टेयर, सब्जी के लिए 2421.30 और प्याज 133.23 हेक्टेयर पर होता है। इसके लिए किसानों को अनुदान भी मिलता है। इस वर्ष करीब 7 करोड़ 25 लाख है, जिसे मंजूरी भी दी गई है।
 
तीन चरणों में मिलता है अनुदान

फलोत्पादन के लिए शत-प्रतिशत सरकार अनुदान देती है। जिस किसान के पास सिंचाई की सुविधा है, उसे ही फलोत्पादन के लिए अनुदान मिलता है। पहले चरण में 50 प्रतिशत, दूसरे चरण में 30 और तीसरे चरण में 20 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इसमें आम के लिए प्रति हेक्टेयर 53 हजार 561, पेरू के लिए 62 हजार 253, चिकू के लिए 52 हजार 100 और कटहल के लिए प्रति हेक्टेयर 43 हजार 596 रुपए मिलते है।