बढ़ी कीमत : आज से अमूल दूध पीना पड़ेगा महंगा

March 1st, 2022

डिजिटल डेस्क, अमरावती। घर में मेहमानों का आगमन या फिर कोई खुशी का अवसर किसी भी समय मीठे पकवान बनाने में दूध की अहम भूमिका होती है। किसानों और पशुपालकों से दूध प्राप्त होता है। उसकी तुलना में कई अधिक स्तर पर शहर की जनता अमूल दूध पर निर्भर है। चहुंओर से महंगाई की मार झेल रही जनता पर अब अमूल दूध महंगा होने से महंगाई का एक नया हतोड़ा पड़ेगा। शहर में रोजाना 43 लाख लीटर अमूल दूध की बिक्री होती है। प्रति लीटर 2 रुपए दाम बढ़ने से एक ही झटके में शहर की जनता को अपनी दूध की जरूरत पूरी करने के लिए अब दैनंदिन तौर पर 86 लाख रुपए अधिक खर्च करने होंगे। ईंधन के मामले में शहर की जनता पहले ही अधिक महंगाई की मार झेल रही है। इन दिनों विदर्भ के अन्य शहरों की तुलना में सबसे अधिक महंगा ईंधन खरीद रही है। पिछले तीन वर्ष में प्लास्टिक बंद दूध कीमत 16 रुपए बढ़ी है। वर्ष 2018 में अमरावती के नागरिकों को अमूल का 1 लीटर दूध 40 रुपए प्राप्त होता था। जबकि मंगलवार से इस दूध को खरीदने के लिए 56 रुपए चुकाने होंगे। वहीं, आधा लीटर दूध की कीमत 30 रुपए देनी होगी। दुग्धपूर्णा विभाग के अनुसार अमरावती शहर में दूध की रोजाना की खपत 58 लाख 23 हजार लीटर के आसपास है। जिसमें से सबसे अधिक आपूर्ति अमूल के माध्यम से पूरी हो रही है। किसानों और पशुपालकों की ओर से शहर की जनता की जरूरत का करीब 11 लाख 29 हजार लीटर दूध उपलब्ध कराया जाता है जबकि दूसरी कंपनियाें के दूध की मांग यहां काफी कम स्तर पर दिखाई देती है। अमूल दूध की कीमतों में उछाल आने से शहर में बिकने वाले अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स पर भी विपरीत परिणाम दिखाई देंगे। मिठाई उद्योग से जुड़े व्यवसायियों द्वारा भी अमूल दूध का उपयोग बड़े स्तर पर किया जाता है। शहर के करीब साढ़े 8 लाख से अधिक आबादी के लिए यह महंगाई का नया संकट है।

रोजाना बिकता है 58 लाख लीटर दूध  

महेश सोनवणे, जिला दुग्धपूर्ण अधिकारी के मुताबिक अमरावती शहरी क्षेत्र में रोजाना घरेलू व उद्योग उपयोग के लिए 58 लाख 23 हजार लीटर दूध की खपत होती है। जिसमें से करीब 43 लाख लीटर दूध अमूल के द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। अमूल की कीमतें बढ़ने से स्थानीय दूध व्यवसायियों की ओर से भी कीमत बढ़ाई जाएगी। जिससे शहर में दूध की कीमतों में अधिक उछाल के साथ ही दूध से जुड़े पदार्थों पर भी महंगाई का असर देखा जाएगा।