दैनिक भास्कर हिंदी: मंत्रिमंडल मंजूरी : शिक्षकों को सातवां वेतन लागू, पीएचडी धारकों को दो वेतन वृद्धि 

January 29th, 2020

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य की महाविकास आघाडी सरकार ने पूर्व की भाजपा सरकार के एक और फैसले को पलट दिया है। प्रदेश में अब ग्राम पंचायतों के सदस्य ही सरपंच चुनेंगे। बुधवार को राज्य मंत्रिमंडल ने इस फैसले को मंजूरी दी। भाजपा सरकार ने ग्राम पंचायतों के सरपंच का चुनाव जनता द्वारा कराने का फैसला किया था। लेकिन मंत्रिमंडल ने अब सरपंच का चयन ग्राम पंचायतों के सदस्यों के बीच से कराने को मंजूरी दी है। मंत्रिमंडल ने महाराष्ट्र ग्राम पंचायत अधिनियम की धारा 7, धारा 13, धारा 15, धारा 35, धारा 38, धारा 43, धारा 62, धारा 62 अ में संशोधन तथा नई धारा 30 अ-1 ब और धारा 145-1 अ को शामिल करने को मान्यता दी है। इसके अलावा विकास निधि के खर्च के विवरण के संबंध में संशोधित समय सारणी में बदलाव करने को मंजूरी दी गई है। संबंधित कानून में संशोधन के लिए अध्यादेश जारी किया जाएगा। 

पीएचडी धारकों को दो वेतन वृद्धि

राज्य के पीएचडी धारक व्याख्याताओं को साल 1996 से दो वेतन वृद्धि को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। राज्य के गैर कृषि विश्वविद्यालय व संलग्नित गैर सरकारी अनुदानित महाविद्यालयों के जिन व्याख्याताओं ने 1 जनवरी 1996 के पहले पीएचडी पूरा कर लिया है उन्हें 27 जुलाई 1998 के बदले 1 जनवरी 1996 से दो अग्रिम वेतन वृद्धि देने का फैसल किया गया है। 

शिक्षकों को सातवां वेतन लागू

राज्य मंत्रिमंडल ने रसायन विज्ञान संस्थान, प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार संशोधित वेतन श्रेणी लागू करने को मंजूरी दी है। अखिल भारतीय प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा की गई सिफारिश के अनुसार सरकारी और गैर-सरकारी अनुदान प्राप्त डिग्री और डिप्लोमा संस्थान, रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई के माटुंगा स्थित सरकारी स्वामित्व वाला स्वायत्त विश्वविद्यालय, लोणेरे स्थित डॉ. बाबासाहब आंबेडकर प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के शिक्षक व समकक्ष पदों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार संशोधित वेतन श्रेणी लागू करने की मंजूरी दी गई है। 

शिक्षकों को प्रशिक्षण देने बनाई जाएगी संस्था  

राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा विभाग के अधीनस्थ शिक्षकों और प्राचार्यों को प्रशिक्षण देने के लिए अध्यापक विकास संस्था बनाने को राज्य मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। पुणे में कंपनी कानून के अनुसार यह संस्था बनाई जाएगी। इस संस्था में महाराष्ट्र सरकार का 40 प्रतिशत, महाराष्ट्र राज्य तकनीकी शिक्षा मंडल का 5 प्रतिशत, राज्य के सभी विश्वविद्यालयों का 40 प्रतिशत, शैक्षणिक संस्था व उद्योगों का 5 प्रतिशत और स्वयंसेवी संस्था व व्यवसाय संस्था का 10 प्रतिशत हिस्सा रहेगा। राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय स्तर पर होने वाले आधुनिक शिक्षा पद्धति में बदलाव को ध्यान में रखते हुए यह फैसला किया गया है। यह संस्था विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से सदस्यता शुल्क लेगी। इसके साथ ही कॉर्पोरेट और व्यापारिक घरानों से प्राप्त होने वाली राशि का कॉर्पस फंड तैयार किया जाएगा। संस्था का कामकाज चलाने के लिए प्रशासकीय समिति बनाई जाएगी। जिसके अध्यक्ष राज्य के मुख्य सचिव अजोय मेहता होंगे। संस्था में पाठ्यक्रम और शिक्षाशास्त्र, अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी, नेतृत्व विकास, बहु- अनुशासनात्मक अध्यापक और समावेशी शिक्षा ऐसे 5 उत्कृष्टता केंद्र प्रस्तावित हैं। सरकार का कहना है कि उच्च शिक्षा देने वाली संस्थाओं के शिक्षकों को उद्योग, व्यवसाय और संबंधित क्षेत्र का नवीनतम ज्ञान, शैक्षणिक गविधियों और प्रौद्योगिकी से समृद्ध करने की जरूरत है।