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विधानसभा प्रश्नोत्तर : आर्णी नगर परिषद टेंडर गड़बड़ी मामले की 8 दिनों में होगी जांच  

विधानसभा प्रश्नोत्तर : आर्णी नगर परिषद टेंडर गड़बड़ी मामले की 8 दिनों में होगी जांच  

डिजिटल डेस्क, मुंबई। यवतमाल जिले की आर्णी नगर परिषद में मानसून पूर्व काम के टेंडर में गड़बड़ी के आरोपों की 8 दिन में जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने यह जानकारी दी। 3 दिसंबर 2019 को इस मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी गई थी। लेकिन तकनीकी मदद के लिए उन्होंने जानकारों की मांग की। इसके बाद दो सहायक और एक शाखा अभियंता को भी जांच में मदद करने को कहा गया। भाजपा के डॉ संदीप धुर्वे, सुधीर मुनगंटीवार आदि सदस्यों ने जांच में देरी और कार्रवाई न होने से जुड़ा मुद्दा सदन में उठाया था और संबंधित अधिकारी को तुरंत निलंबित किए जाने की मांग की। जवाब में मंत्री शिंदे ने कहा कि प्राथमिक जांच में अगर कोई गड़बड़ी सामने आई तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। 

इसी महीने पूरा होगा यवतमाल के महागांस-फुलसावंगी सड़क मार्ग का काम

यवतमाल जिले में महागांस से फुलसावंगी की ओर जाने वाली सड़क का काम इसी महीने के अंत तक पूरा हो जाएगा। काम में अनियमितता के आरोपों की जांच के दौरान कोई गड़बड़ी नहीं पाई गई है। अमरावती स्थित दक्षता व गुणवत्ता नियंत्रण मंडल ने दो बाद इसकी जांच की है। सार्वजनिक निर्माण कार्य मंत्री अशोक चव्हाण ने प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में यह जानकारी दी। भाजपा के मदन येरावार के सवाल के जवाब में मंत्री चव्हाण ने बताया कि इस काम के लिए 29 करोड़ 82 लाख 68 हजार 386 रुपए के टेंडर को मंजूरी दी है। 9 फरवरी तक इसके लिए केंद्र सरकार से 17 करोड़ 78 लाख रुपए की निधी मिल चुकी है। 

जांच में साबित नहीं हुए नागपुर मनपा कर्मचारियों पर लगे आरोप 

नागपुर महानगर पालिका विभाग में अनियमितता के आरोप लगने के बाद निलंबित किए गए कर्मचारियों को फिर से बहाल कर दिया गया है। विभागीय जांच में उन पर लगे आरोप साबित नहीं हो सके इसलिए उन्हें काम पर वापस लेने का फैसला किया गया। विधानसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में शहरी विकास मंत्री एकनाथ शिंदे ने यह जानकारी दी। कांग्रेस के विकास ठाकरे, सुलभा खोडके, भाजपा के सुभाष धोटे आदि सदस्यों के सवाल के लिखित जवाब में मंत्री शिंदे ने जानकारी दी कि निविदा के जरिए सामान्य टायर ट्यूब 35950 रुपए और दो रेडियल टायर और दो ट्यूब 85456 रुपए में खरीदे गए थे। 18 दिसंबर 2017 की सर्वसाधारण सभा में नगरसेवकों ने दर ज्यादा होने का आरोप लगाया था। लेकिन विभागीय जांच में इसके सबूत नहीं मिले।

नागपुर में कचरा वाहन में मिट्टी मिलने के मामल में हुई है कार्रवाई 

नागपुर में कचरा परिवहन करने वाली कंपनी के 60 ट्रकों में मिट्टी मिला कचरा ले जाया गया है। महानगर पालिका की जांच में यह खुलासा होने के बाद जून 2020 में ठेकेदार को दी जाने वाली रकम में से 27 लाख 11 हजार 103 रुपए काट लिए गए हैं। प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में शहरी विकास मंत्री एकनाथ खडसे ने यह जानकारी दी। कांग्रेस के विकास ठाकरे, अमील पटेल भाजपा के सुभाष धोटे आदि सदस्यों ने इससे जुड़ा सवाल पूछा था जवाब में मंत्री शिंदे ने बताया कि समझौते के नियम शर्तों के मुताबिक संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। 

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