दैनिक भास्कर हिंदी: विधानसभा : वडेट्टीवार बने विपक्ष के नेता और नीलम गोर्हे उपसभापति, सीएम ने दी बधाई 

June 24th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। आखिरकार विधानसभा में कांग्रेस को विपक्ष का नेता पद मिल गया। सोमवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस के विजय वड्डेटीवार को विपक्ष का नेता बनाए जाने का एलान किया। वडेट्टीवार को विपक्ष का नेता बनाए जाने पर मुख्यमंत्री फडणवीस सहित सदन के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका अभिनंदन किया। इस दौरान सदन में उस वक्त ठहाके लगे जब मुख्यमंत्री ने वड्डेटीवार को अगले पांच-छ सालों तक विपक्ष का नेता बने रहने की शुभकामना दी। इसके पहले अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने वड्डेटीवार को विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना था। छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक कैरियर की शुरुआत करने वाले  वडेट्टीवार कांग्रेस की छात्र ईकाई राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के पदाधिकारी रहे। बाद वे शिवसेना में शामिल हो गए 1998 से 2004 तक शिवसेना से विधान परिषद सदस्य बनाए गए। 2004 में वडेट्टीवार चंद्रपुर जिले की चिमूर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए। 2005 में वे नारायण राणे के साथ शिवसेना छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए। 2005 में इस सीट पर हुए उपचुनाव में वे कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए। इसी साल वडेट्टीवार राज्यमंत्री बनाए गए। 2014 के विधानसभा चुनाव में वड्डेटीवार चंद्रपुर की ब्रम्हपुरी सीट से बतौर कांग्रेस उम्मीदवार विधायक चुने गए।

मुख्यमंत्री, वित्तमंत्री के बाद विपक्ष के नेता भी चंद्रपुर से 

सदन में वडेट्टीवार के अभिनंदन प्रस्ताव के दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें योग्य नेता बताते हुए कहा कि मेंरी शुभकानाएं हैं कि वे अगले 5-6 वर्षों तक विपक्ष के नेता पद पर कायम रहें। इस दौरान राकांपा छगन भुजबल द्वारा दूसरे दलों के नेताओं को तोड़ने का आरोप लगाए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सब जानते हैं कि इस राज्य में तोड़फोड़ की राजनीति का जनक कौन है। उन्होंने कहा कि इस स्कूल का हेडमास्टर कौन रहा है, हम सब को पता है। उनका इशारा छगन भुजबल की तरफ था। भुजबल 1991 में शिवसेना के कई विधायकों को साथ लेकर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा  कि मैं भी मूलरुप से चंद्रपुर का हूं। वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार भी इसी जिले के हैं और विपक्ष के नेता भी चंद्रपुर जिले को मिला है। उन्होंने है कि लगता है कि कांग्रेस को राज्य में लोकसभा की एक मात्र सीट (चंद्रपुर) पर जीत दिलाने की एवज में वडेट्टीवार को यह पदोन्नती मिली है। राकांपा के अजित पवार ने कहा कि  वड्डेटीवार को केवल सात दिनों का समय मिला है। क्योंकि यह इस सरकार का अंतिम अधिवेशन है। क्योंकि इसके बाद अक्टूबर से विधानसभा चुनाव शुरु हो जाएगा। 

भाग्यशाली हैं विखे पाटीलः खडसे 

विपक्ष के नेता वडेट्टीवार को बधाई देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे ने कांग्रेस छोड़ भाजपा सरकार में मंत्री बने राधाकृष्ण विखे पाटील पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वे बड़े भाग्यशाली हैं। चार साल विपक्ष के नेता बने रहने के बाद अब सरकार में नंबर तीन के मंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि वडेट्टीवार विखे पाटील के नक्शे कदम पर नहीं चलेंगे। इस सरकरा में हासिए पर चल रहे खडसे ने कहा कि बतौर विपक्ष के नेता मेरे काम का फायदा चुनाव में भाजपा को मिला और वह सत्ता में आई। भाजपा को सत्ता दिलाने में मेरा भी योगदान है। अपनी नियुक्ति पर अपने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताते हुए वडेट्टीवार ने कहा कि बतौर विपक्ष नेता मुझे बहुत कम समय मिला है लेकिन इस कम समय में भी मैं लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा। 

खबरें और भी हैं...