बागवान: संयुक्त परिवार में संस्कारित होती है युवा पीढ़ी

October 21st, 2021

डिजिटल डेस्क, गोंदिया। वर्तमान में बहुत कम ऐसे परिवार हैं, जो संयुक्त रूप से एक ही छत के नीचे रहते हैं। एकसाथ रहने से बुजुर्गों का प्रेम व उनसे अच्छे संस्कार मिलते हैं। माता-पिता के मार्गदर्शन में ही युवा पीढ़ी जीवन में सफलता हासिल करती है। यह कहना है आमगांव तहसील के ग्राम करंजी निवासी उदाराम मोहपत फुंडे का।  

आपकी जिंदगी का सबसे महत्वपूर्ण वह कौन-सा पल था,  जिसमें आपने सफलता पाई और वह किस तरह आने वाली पीढ़ी का मार्गदर्शन करता है?

हम सामान्य मध्यमवर्गीय किसान परिवार से है। बचपन में ही पिता का साया सिर से उठ जाने के कारण घर की जिम्मेदारी बड़े भाई के साथ मिलकर संभाली। जीवन में कई उतार चढ़ाव का सामना किया किंतु हार न मानी। फिलहाल मेरे दोनों बेटे खेती के साथ ही जेसीबी मशीन को किराए से देकर अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रहे हैं। जिससे घर का खर्च आसानी से चल जाता है। विपरीत हालातों में यदि धैर्य रखकर काम करना चाहिए तो मुश्किलें आसान हो जाती है। 

आपने जो अपनी विरासत संजोई है और जिंदगी में जो अनुभव प्राप्त किए है, वे किस तरह भविष्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते है?

परिवार में समन्वय और एकता बनाए रखने से खुशहाली आती है। बच्चों ने हमारे मार्गदर्शन में जो सफलता हासिल की है। वही मेरे जीवन की असली विरासत है। भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कठिन परिश्रम और लगन जरूरी है। इसलिए युवा पीढ़ी कड़ी मेहनत कर अच्छा मुकाम हासिल करें।

अपने शहर, समाज और देश के लिए अब क्या करना चाहते है और यह भी बताइए कि आज की पीढ़ी को क्या करने की जरूरत है?

सकारात्मक सोच रखकर जीवन को खुशहाल बनाएं। नैतिक मूल्यों का पालन कर अपना लक्ष्य हासिल करें। तभी देश एवं समाज का विकास संभव है। युवा पीढ़ी का कर्तव्य है कि वे समाज में भाईचारा बनाए रखें। 

मैं 30 वर्षों से महासती बेनाबाई भजन मंडल के माध्यम से गांव और आसपास के इलाकों में जाकर सामाजिक बुराईयों के खिलाफ जनजागृति कर रहा हूं। जिस दिन हमने यह काम पहली बार शुरू किया। वही मेरे जीवन का अविस्मरणीय बन गया। 

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