दैनिक भास्कर हिंदी: नए शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक हटाया जाए-हाईकोर्ट

July 13th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि अतिरिक्त शिक्षकों (सरप्लस टीचर) की नियुक्ति में पूरी हो चुकी हो तो स्कूलों में नए शिक्षकों की नियुक्ति पर लगाई गई रोक को हटा दिया जाए। हाईकोर्ट ने यह निर्देश राज्य में  शिक्षकों के हित के लिए कार्यरत टीचर्स हेरिटेज आर्गनाइजेशन एंड कोआर्डिनेटिंग एसोसिएशन(सोलापुर) की ओर दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिया है। 

याचिका में मुख्य रुप से राज्य सरकार की ओर से 2 मई 2012 व 13 दिसंबर 2013 को जारी शासनादेश को चुनौती दी गई थी। मई 2012 के शासनादेश के तहत सरकार ने निजी अनुदानित व स्थानीय निकायों द्वारा चलाई जानेवाली स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति पर लगाई  थी। जबकि दिसंबर 2013 के शासनादेश में साफ किया गया था कि जब तक शिक्षकों व छात्रों का अनुपात उचित तरीके से निर्धारित नहीं हो जाता है तब तक स्कूलों में नई नियुक्ति न की जाए। 

मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नांदराजोग व न्यायमूर्ति नितिन जामदार की खंडपीठ ने याचिका में उल्लेखित  तथ्यों पर गौर करने के बाद पाया कि सरकारी स्कूलों के बंद हो जाने के चलते अतिरिक्त शिक्षक हो गए है। इसलिए जब तक इन शिक्षकों को नियुक्ति नहीं दे दी जाती है तब तक सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की नई नियुक्ति पर रोक  लगाई गई है। खंडपीठ ने कहा कि सरकार ने इस संबंध में साल 2012 में शासनादेश जारी किया था। मौजूदा समय में यानी साल 2019 में अतिरिक्त शिक्षकों की स्थिति क्या है? इस बारे में ताजा जानकारी हमारे सामने किसी नेे नहीं पेश की है। चूंकि शिक्षकों की नियुक्ति पर लगाई गई रोक को काफी समय बीत चुका है ऐसे में संभव है कि अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति पूरी हो गई होगी।  ऐसे में शिक्षा उपनिदेशक इस विषय की पड़ताल करे और यदि अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति पूरी हो गई हो तो शिक्षकों की नई नियुक्ति की अनुमति प्रदान की जाए। और विद्यार्थी व शिक्षक के अनुपात को लेकर भी निर्णय लिया जा। खंडपीठ ने इन दोनों विषयों पर 12 सप्ताह में फैसला लेने को कहा है और फैसले की जानकारी याचिकाकर्ता को देने के लिए कहा गया है। 

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