दैनिक भास्कर हिंदी: भीमा कोरेगांव मामला : सीडी का शीर्षक दर्शाता है कि उसमें कुछ राज्य विरोधी है - HC

August 28th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने एलगार परिषद –भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार आरोपी वेरेन गोंसाल्विस के पास मिली चीजे  के आधार पर उसेके इरादों पर सवाल उठाया है। हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपी के पास से जो सीडी व किताबे मिली है उनका शीर्षक ही प्रथम दृष्टया दर्शाता है कि उसमें मौजूद समाग्री राज्य विरोधी है। आरोपी के पास से जो सीडी मिली है उसे कबीर कला मंच ने जारी किया है जिसका शीर्षक ‘राज्य दमन विरोधी’ है। जबकि किताब का शीर्षक ‘युध्द और शांति’ है। 

न्यायमूर्ति  सांरग कोतवाल ने कहा कि सीडी पर गौर करने के बाद कहा कि इसका शीर्षक ही दर्शाता है कि इसमें कुछ राज्य के खिलाफ है। जबकि किताब में एक अन्य देश के युध्द के बारे में उल्लेख किया गया है। आखिर आरोपी (गोंसाल्विस) ने अपने पास यह चीजे घर में क्यों रखी थी? आरोपी को अदालत में इस विषय पर सफाई देनी होगी। न्यायमूर्ति के सामने आरोपी गोंसाल्विस के जमानत आवेदन पर सुनवाई चल रही है। गोंसाल्विस को पुणे पुलिस ने भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार किया था। और उसके खिलाफ अवैध गतिविधि प्रतिबंधक कानून की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। 

इससे पहले गोंसाल्विस की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता मिहीर देसाई ने कहा कि इस मामले के अन्य आरोपियों के कंप्युटर से मिली जानकारी के आधार पर पुणे पुलिस ने मेरे मुवक्किल को गिरफ्तार किया है। लेकिन हकीकत यह है कि जो भी मेल मेरे मुवक्किल को लेकर मिले है वह उन्होेंने नहीं लिखे है। इसलिए पुलिस ने मेरे मुवक्किल की इस मामले में भूमिका को लेकर कोई ठोस सबूत नहीं पेश किया है। लिहाजा उन्हें जमानत प्रदान की जाए। 

वहीं सरकारी वकील अरुणा पई ने आरोपी की जमानत का विरोध किया। उन्होंने कहा कि आरोपी के घर से कई आपत्ति जनक चीजे मिली है। जिसमे सीडी व किताबों का समावेश है। इन चीजों का शीर्षक काफी आपत्तिजनक है। इस पर श्री देसाई ने कहा कि सिर्फ सीडी व किताबे मिलने के आधार पर मेरे मुवक्किल को आतंकी अथवा प्रतिबंधित संस्था का सदस्य नहीं कहा जा सकता है।

मामले से जुड़े दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति ने कहा कि हम आरोपी से तो सफाई मंगागे लेकिन पुलिस फिलहाल यह दर्शाने में विफल रही है कि सीडी में क्या समाग्री थी और आरोपी के पास मिली किताबों व पैंपलेट से उसका क्या संबंध है। न्यायमूर्ति ने कहा कि यदि अभियोजन पक्ष यह नहीं दर्शाएगा की सीडी में क्या है तो हमे इसे नजर अंदाज भी करना पड़ेगा। गुरुवार को भी इस मामले की सुनवाई जारी रहेगी। 

 

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