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कंगना मामले में बीजेपी का आरोप - मंत्री परब और महापौर ने भी किया है अवैध निर्माण

कंगना मामले में बीजेपी का आरोप - मंत्री परब और महापौर ने भी किया है अवैध निर्माण

डिजिटल डेस्क, मुंबई। अभिनेत्री कंगना रनौत के ऑफिस में कथित अवैध निर्माण तोड़ने में प्रशासन ने जो तत्परता दिखाई है वह दूसरे मामलों में नजर नहीं आया। मौजूदा आधाड़ी सरकार में परिवहन मंत्री अनिल परब और मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर ने भी अवैध निर्माण किया है। परब को म्हाडा नेे एक साल पहले नोटिस भी दिया था लेकिन इसके आगे अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुआ। भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया इन दोनों मामलों की शिकायत लेकर गुरूवार को म्हाडा के सीईओ के पास पहुंचे। 

सोमैया का आरोप है कि परब ने बांद्रा पूर्व में दो हजार वर्गफुट जगह में अवैध निर्माण किया है। म्हाडा ने जून 2019 में परब को इसे तोड़ने का नोटिस दिया था लेकिन इसे अब तक नहीं तोड़ा गया है। उन्होंंने परब को मंत्रिमंडल से बाहर करने की भी मांग की। इसी तरह किशोरी पेडणेकर ने अवैध कंपनी बनाकर वरली में एसआरए की बड़ी जगह अपनी कंपनी के नाम पर कब्जा कर लिया है। इस मामले में भी सोमैया ने एसआरए अधिकारियों से मुलाकात कर कार्रवाई की मांग की। 

बाग्लादेशियों की अवैध बस्तियों पर हथौड़ा चलवाए शिवसेनाः भातखलकर

भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने परब को भेजी गई म्हाडा की नोटिस ट्वीट किया। इसके बाद उन्होंने सवाल किया कि क्या अनिल परब कानून से बड़े हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि कंगना के घर में अवैध रुप से तोड़फोड़ करने वाली बीएमसी बेहरामपाडा की तीन-तीन मंजिला झोपड़पट्टियों और अवैध बांग्लादेशी बस्तियों पर हथौड़ा चलाकर अपनी ताकत दिखाए मैं शिवसेना को यह चुनौती देना चाहता हूं।

अमिताभ बच्चन समेत कई रसूखदारों के निर्माण किए नियमित

मुंबई मनपा ने जहां एक ओर कंगना के ऑफिस में हुए कथित अवैध निर्माण नोटिस देने के अगले ही दिन तोड़ दिए वहीं सदी के महानायक अमिताभ बच्चन समेत कई रसूखदारों के अवैध निर्माणों को नियमित कर दिया गया था। आरटीआई के जरिए यह जानकारी सामने आई है। आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को पी दक्षिण मनपा वार्ड से जो जानकारी दी गई है उसके मुताबिक  अमिताभ बच्चन समेत दूसरे लोगों द्वारा किए गए अवैध निर्माण को एमआरटीपी 53(1) कानून के तहत नोटीस जारी किया गया था। उसके बाद मालिक /निवासी/विकासक की ओर से आर्किटेक्ट शशांक कोकील एंड असोसिएट्स ने 5 जनवरी 2017 को मंजूर प्लान से अलग काम करने के चलते संशोधित प्लान मंजूरी के लिए कार्यकारी अभियंता, इमारत प्रस्ताव ( पश्चिम उपनगर ), पी विभाग के समक्ष पेश किया था। उसके बाद कार्यकारी अभियंता, इमारत प्रस्ताव ( पश्चिम उपनगर), पी विभाग की ओर से अवैध निर्माण को नियमित कर दिया गया। अमिताभ बच्चन ही नहीं राजकुमार हिरानी, ओबेरॉय रियालिटी, पंकज बलानी, हरेश खंडेलवाल, संजय व्यास, हरेश जगतानी के सात बंगलों को अवैध निर्माण का नोटिस दिया गया था। 7 दिसंबर 2016 को जारी नोटिस होने के बाद गलगली ने तुरंत कार्रवाई की मांग की थी लेकिन बीएमसी ने बाद में ये अवैध निर्माण नियमित कर दिए। यही नहीं आरटीआई के तहत ही जानकारी सामने आईं हैं कि मनपा के पास अवैध निर्माणों की 10 हजार से ज्यादा शिकायतें हैं लेकिन इन पर सालों बीत जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई।  

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।