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हाईकोर्ट : मैट चेयरमैन नियुक्ति के लिए एक माह का समय, शुरु करे तबेलेवालों को हटाने की प्रक्रिया

हाईकोर्ट : मैट चेयरमैन नियुक्ति के लिए एक माह का समय, शुरु करे तबेलेवालों को हटाने की प्रक्रिया

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र प्रशासकीय न्यायाधिकरण (मैट) के  चेयरमैन की नियुक्ति के लिए एक माह का समय दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि हम अपेक्षा करते है कि पाच मार्च 2020 तक चेयरमैन की नियुक्ति कर दी जाएगी। इससे पहले केंद्र सरकार ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श लेने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। चेयरमैन के नियुक्ति से जुड़े प्रस्ताव को केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति कमेटी के पास भेज दिया गया है। इस दौरान सरकारी वकील कोर्ट को यह बताने में असमर्थ रहे की कितने समय के भीतर नियुक्ति प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। 

सरकारी वकील से मिली जानकारी के बाद न्यायमूर्ति एससी धर्माधिकारी व न्यायर्मूति रियाज छागला की खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श लेने की प्रक्रिया पूरी हो गई है लिहाजा नियुक्ति से जुड़ी शेष प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया हम अपेक्षा करते है कि आगामी पांच मार्च तक मैट के चेयरमैन की नियुक्ति को अधिसूचित कर दिया जाएगा। ताकि वे मामले निपटाए जा सके जो चेयरमैन के न होने के चलते प्रलंबित पड़े है।

खंडपीठ ने अपने इस आदेश की प्रति केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति कमेटी को भी भेजने को कहा है। मैट में मुख्य रुप से सरकारी कर्मचारियों की नियुक्ति व सेवा शर्तों से जुड़े मामले चलते है। मैट में काफी समय से चेयरमैन का पद रिक्त है। जिसको लेकर सामाजिक कार्यकर्ता कन्हैया महामुनी ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। याचिका में दावा किया गया है कि मैट में चेयरमैन न होने के चलते वहां का कामकाज ठहरा सा गया है। 

दुग्ध विकास विभाग शुरु करे तबेलेवालों को हटाने की प्रक्रिया

वहीं बांबे हाईकोर्ट ने राज्य के दुग्ध विकास विभाग को मुंबई से तबेलेवालों को हटाने की प्रक्रिया की शुरुआत करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि तबेलेवालों को दापचरी इलाके में महानगरपालिका क्षेत्र के अंतर्गत स्थनांतरित करने को कहा है। इससे पहले सरकारी वकील ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मामले को लेकर गठित की गई कमेटी सिफारिसों को मान लिया है। सरकारी वकील ने कहा कि तबेलेवालों को देने के लिए जगह मिल चुकी है। जल्द ही इस जगह पर सुविधाओं का विकास किया जाएगा। हाईकोर्ट में बांबे मिल्क प्रोड्यूशर एसोसिएशन की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई चल रही है। याचिकाओं में दावा किया गया है  कि तबेलेवालों को सुविधाएं दिए बिना ही स्थनांतरित किया जा रहा है। गौरतलब है कि तबेले के चलते होनेवाले प्रदूषण के मद्देनजर तबेलेवालों को मुंबई से हटाने का निर्णय किया गया था। जिस पर आपत्ति जताते हुए तबेलेवालों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। 
 

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