comScore

दो नाबालिग बहनों के यौन शोषण का मामला: जायस्वाल की जमानत याचिका खारिज

दो नाबालिग बहनों के यौन शोषण का मामला: जायस्वाल की जमानत याचिका खारिज

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  दो नाबालिग बहनों के यौन शोषण के आरोपों में घिरे फार्म हाउस संचालक अशोक जायस्वाल की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। जायस्वाल पर 17 और 15 वर्ष की दो किशोरियों के यौन शोषण का आरोप है। करीब तेरह वर्ष पहले उनके पिता वाठोड़ा निवासी अशोक जायस्वाल के खेत में काम करने के लिए परिवार के साथ आए थे। पीड़िताओं का परिवार फार्म हाउस पर ही रहता था। उनके माता-पिता में कलह के बाद पिता वापस अपने गांव लौट गए। पीड़िताएं अपनी मां के साथ वहीं रहने लगीं। जायस्वाल ने इसी माैके का फायदा उठाया। पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार अक्टूबर-2016 से मई-2019 के बीच अशोक ने 17 वर्षीय किशोरी को नशीली दवा खिलाकर उसके साथ दो बार दुष्कर्म किया। दोनों बार अलग-अलग स्थानों पर ले गया था। इसके बाद अशोक ने पीड़िता की छोटी बहन पर भी बुरी नजर डाली। एक गैर सरकारी संगठन को मामले की भनक लगी।  संगठन ने दोनों बहनों को आरोपी के चंगुल से मुक्त कराने  आवाज उठाई। अंतत: आरोपी पर मामला दर्ज किया गया। मामले में सरकार की ओर से सरकारी वकील संजय डोईफोडे ने पक्ष रखा। 

वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक को मिल सकती है जिम्मेदारी 

सूत्रों के अनुसार आरोपी स्कूल संचालक अशोक जायस्वाल पर मामला दर्ज होने के बाद से वह फरार है। जबसे नंदनवन थाने में यह मामला दर्ज किया गया तब से कई पुलिस अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। इस प्रकरण को अब वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। इस प्रकरण के आगे के जांच करने की  जिम्मेदारी नंदनवन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक (प्रथम) को सौंपी जा सकती है। 

घर में आग लगने से 8 लाख का सामान खाक

वानाडोगरी नगर परिषद अंतर्गत महाजनवाड़ी में ईदगाह के पीछे देवराव दामोदर मेश्राम के घर में आग लगने से करीब 8 लाख का सामान जलकर खाक हो गया।  देवराव मेश्राम के घर में किराए से रहने वाले पंकज फकीरचंद गोंदाने के घर में सिलेंडर लीकेज के कारण आग लगने की बात कही जा रही है। आग से किराएदार पंकज के घर का पूरा सामान जलकर राख कर हो गया, जिसमें करीब 4.50 लाख का नुकसान हुआ है। आग यही नहीं थमी, बाजू में रह रहे घर मालिक के घर के किचन में रखा पूरा सामान भी जलकर राख हो गया। जिसमें देवराव का करीब 3 लाख 50 हजार का नुकसान हुआ है। प्रचार के लिए घूम रहे कार्यकर्ताओं ने प्रचार बंद कर आग बुझाने का काम किया, लेकिन वे सफल नहीं हुए। दमकल विभाग की गाड़ी आने पर आग पर काबू पाया गया। तब तक घर का पूरा समान जलकर खाक हो गया था।  मेश्राम और गोंदाने को शासन की ओर से आर्थिक मदद दिए जाने की मांग क्षेत्र के लोगों ने की है।

कमेंट करें
BEldG