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बिजली चोरी पकड़ना फिलहाल बंद , बकाया बिल की रिकवरी का काम भी नहीं हो रहा

बिजली चोरी पकड़ना फिलहाल बंद , बकाया बिल की रिकवरी का काम भी नहीं हो रहा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महावितरण ने शहर की बिजली व्यवस्था एसएनडीएल से अपने हाथ में लेकर काम तो शुरू कर दिया, लेकिन अभी तक बिजली चोरी पकड़ने का काम शुरू नहीं हो सका है। पिछले 20 दिन से बिजली चोरी नहीं पकड़ी गई और इससे बिजली लॉस बढ़ सकता है। बकाया बिल की वसूली का काम भी नहीं हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि एसएनडीएल ने 2011 में महावितरण से जब शहर के तीन विभागों की जिम्मेदारी ली थी, उस वक्त बिजली लॉस 30 फीसदी से ज्यादा था। बकाया बिल की पेंडेंसी भी करोड़ों में थी। एसएनडीएल ने बिजली सेवा के साथ ही बिजली चोरी व रिकवरी पर ध्यान केंद्रित किया। नतीजा यह हुआ कि बिजली लॉस 30 फीसदी से घटकर 15 फीसदी पर आ गया था। इसी तरह करोड़ों की रिकवरी भी की जा सकी थी। एसएनडीएल ने काम नहीं करने का निर्णय लेने के बाद से बिजली चोरी व रिकवरी का काम लगभग बंद हो गया। अब तो पिछले 20 दिनों से एक भी जगह बिजली चोरी नहीं पकड़ी गई। वेंडरों का बकाया बिल नहीं मिलने से रिकवरी का काम भी ठप हो गया है। नए मीटर लगाने का काम भी लगभग बंद है।
 
महावितरण के तुलसीबाग कार्यालय से विजिलेंस टीम योजना बनाकर काम करते थे। विजिलेंस टीम के हेड दिलीप पुरोहित इसी कार्यालय में बैठकर विजिलेंस टीम के काम की समीक्षा करते थे। अब चूंकि 8 सितंबर की रात से महावितरण ने कमान संभाली और विजिलेंस टीम का काम ही बंद हो गया। बिजली चोरी पकड़ना फिलहाल बंद है। टीम के हेड तो इसी कार्यालय में बैठते है, लेकिन बिजली चोरी पकड़नेवाला स्टाफ मौजूद नहीं है। रिकवरी के साथ नए मीटर लगाने का काम भी बंद है। बकाया बिल नहीं मिलने से वेंडरों के लोग नए मीटर नहीं लगा रहे है। वेंडरों को नए काम का वर्क आर्डर भी नहीं मिला है।
 
वर्क आर्डर का इंतजार

वेंडरों के लोग नए मीटर लगाने, बिजली चोरी पकड़ने व रिकवरी के काम करते थे। अब महावितरण ने कमान संभाली है। महावितरण से नया वर्क आर्डर मिला नहीं। इसलिए फिलहाल काम बंद है। वर्क आर्डर का इंतजार है। -वैभवकुमार, वेंडर.
 
महावितरण तैयार करेगा दस्ता

विजिलेंस टीम एसएनडीएल ने तैयार की थी। विजिलेंस टीम फिल्ड में जाकर बिजली चोरी पकड़ती थी। अब एसएनडीएल रही नहीं। इसलिए विजिलेंस का काम भी बंद है। बिजली चोरी पकडी नहीं जा सकी। बिजली चोरी पकड़ने के लिए विशेष दस्ता बनाने का काम अब महावितरण का है। महावितरण का विजिलेंस हेड मुंबई में होता है और उनके आदेश पर दस्ते का गठन होता है। महावितरण ही दस्ता तेयार करेगा। -दिलीप पुरोहित, पूर्व विजिलेंस हेड .
 
उपभोक्ताओं की सेवा पहली प्राथमिकता

महावितरण के सूत्रों के अनुसार बिजली व्यवस्था का काम हाथ में लेने के बाद पहली प्राथमिकता उपभोक्ताआे की सेवा करना है। उपभोक्ताआें को निरंतर बिजली आपूर्ति करना, बिजली संबंधी समस्या तुरंत दूर करना, मेंटेनंस व फाल्ट सुधार हमारी प्राथमिकता हैै। बिजली से उपभोक्ता वंचित न रहे, यह हमारी प्राथमिकता है। बिजली चोरी पकड़ने व रिकवरी के लिए शीघ्र ही दस्ते का गठन होगा आैर इसके नतीजे दिखाई देंगे। हाल ही में काम हाथ में लिया है और सारा सेट अप तैयार करने में थोड़ा समय जरूर लगता है। 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।