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आरोग्य योजना के सीईओ डॉ शिंदे का तबादला रुका, टोपे ने काम को सराहा

आरोग्य योजना के सीईओ डॉ शिंदे का तबादला रुका, टोपे ने काम को सराहा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रदेश सरकार ने महात्मा ज्योतिबा फुले जन आरोग्य योजना के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ. सुधाकर शिंदे के तबादले पर रोक लगा दिया है। सरकार ने 19 अक्टूबर को शिंदे को मंत्रालय में सामान्य प्रशासन विभाग में उपसचिव पद पर नियुक्ति की थी लेकिन अब उनके तबादले पर रोक लगा दी गई है। बुधवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने यह जानकारी दी। शिंदे के तबादले को लेकर विश्वास में नहीं लिए जाने के सवाल पर टोपे ने कहा कि मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है। तबादले का अधिकार मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का होता है। मुख्यमंत्री ने ही शिंदे के तबादले पर रोक लगा दिया है।         

टोपे ने कहा कि शिंदे ने अच्छा काम किया है। उनकी स्वास्थ्य विभाग को जरूरत थी। इससे पहले राजनीतिक हलकों में चर्चा था कि राज्य में मास्क की दर निश्चित करने के कारण दबाव में शिंदे का तबादला किया गया है। इसी बीच टोपे ने कहा कि केरल में ओणम त्यौहार के कारण बड़े पैमाने पर कोरोना संक्रमित गए हैं। इसलिए आगामी दशहरा और दीपावली के त्यौहार के दौरान सभी लोगों को कोरोना के नियमों का पालन करना चाहिए। बिना मास्क के कोई व्यक्ति घर से बाहर न निकले। सभी लोगों को अनुशासन का पालन करना चाहिए।  

सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों को दिया जाएगा टीका 

टोपे ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य कर्मियों को पहले चरण में कोरोना का टीका दिया जाएगा। इसके लिए सरकारी और निजी स्वास्थ्य कर्मियों की सूची तैयार की जा रही है। टोपे ने कहा कि कोरोना टीका के भंडारण के लिए पूर्व तैयारी शुरू कर दी गई है। टीका के लिए कोल्ड चेन की व्यवस्था की जा रही है।  

तीन रुपए में दो लेयर वाला मास्क

टोपे ने कहा कि मास्क की दर तय करने वाला देश में महाराष्ट्र पहला राज्य बन गया है। टोपे ने कहा कि दो लेयर मास्क की कीमत तीन रुपए होगी। तीन लेयर मास्क की कीमत चार रुपए होगी। जबकि एन- 95 मास्क की दर 19 से 49 रुपए के बीच होगी। एन- 95 मास्क के विभिन्न प्रकार के मास्क की दर अलग-अलग हैं। इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग ने शासनादेश जारी किया है। टोपे ने कहा कि दुकानों में तय दर के अनुसार मास्क नहीं मिलने पर ग्राहक जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त से शिकायत कर सकते हैं। राज्य स्तर पर एफडीए आयुक्त शिकायत निवारण समिति के प्रमुख होंगे। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।