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चंद्रपुर मनपा को नए सिरे से निर्धारित करना होगा कर, हाईकोर्ट का आदेश

चंद्रपुर मनपा को नए सिरे से निर्धारित करना होगा कर, हाईकोर्ट का आदेश

डिजिटल डेस्क,  नागपुर।  बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ से चंद्रपुर महानगर पालिका को तगड़ा झटका लगा है। चंद्रपुर मनपा द्वारा निर्धारित संपत्ति कर को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने सुशीलाबेन पटेल व अन्य की याचिका पर गुरुवार को यह आदेश जारी किया है। याचिकाकर्ता के अनुसार 19 अक्टूबर 2015 को मनपा ने उन्हें टैक्स के लिए नोटिस जारी किया था। इसके बदले में याचिकाकर्ता ने मनपा से प्रॉपर्टी टैक्स एसेसमेंट, कैल्कुलेशन शीट और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे। जिसमें पाया गया कि, मनपा द्वारा तय किया गया टैक्स 370 रुपए प्रति वर्गमीटर तय किया है, जबकि मनपा की आमसभा ने यह दरें 53 से 185 रुपए के बीच तय की थी।

याचिकाकर्ता के अनुसार मनपा द्वारा निर्धारित टैक्स तर्कसंगत नहीं है, यह टैक्स बहुत ज्यादा है। इसे रद्द करने के लिए पहले तो याचिकाकर्ता ने मनपा से निवेदन किया। कोई हल नहीं निकलने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद न्या. जेड.ए. हक और न्या. एस.एम. मोडक की खंडपीठ ने मनपा द्वारा निर्धारित संपत्ति कर की नई दरें रद्द कर दीं। मनपा को टैक्स दरों पर पुनर्विचार करके नए सिरे से डिमांड नोटिस जारी करने को कहा गया है। मामले में याचिकाकर्ता की ओर से एड. मोहित खजांची ने पक्ष रखा। मनपा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सी.एस. कप्तान और एड.महेश धात्रक ने पक्ष रखा।

अवमानना :  वाघमारे की याचिका पर अब 16 को सुनवाई
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में हाल ही में अवमानना के आरोपी अधिवक्ता अरविंद वाघमारे की याचिका पर सुनवाई हुई। इस सुनवाई की वीड़ियो रिकॉर्डिंग की गई। मामले से जुड़े सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने सुनवाई 16 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी है। यह सारा मामला अप्रैल 2016 से शुरू हुआ। एड. वाघमारे के पक्षकार के मामले पर कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले पर उन्होंने आपत्ति जताई थी। आरोप किया कि, कोर्ट ने उनकी याचिका डिस्पोज की थी, लेकिन ऑर्डर में डिसमिस यानी रद्द लिखा आया।

भरे कोर्ट में इस याचिका को डिस्पोज किया गया था, लेकिन अपलोड किए गए ऑर्डर में याचिका को डिसमिस यानी रद्द बताया गया। उन्होंने इसे मानवीय भूल समझकर सुधार की अर्जी दायर की, लेकिन बात बनने की जगह बिगड़ती चली गई और अंतत: उन पर और उनके पक्षकारों पर कोर्ट की अवमानना का मामला दायर कर दिया गया। ऐसे में उन्होंने इस अवमानना प्रकरण में हाईकोर्ट में अपील दायर की है। साथ ही हाईकोर्ट रजिस्ट्री पर कुल 50 लाख रुपए का मानहानि का दावा भी प्रस्तुत किया है।

याचिका : फेरीवालों के लिए बनाएं अलग से हॉकर्स जोन
शहर में फेरीवालों, सड़क किनारें वस्तुएं बेचने वाले 1 लाख विक्रेताओं के लिए हॉकर्स जोन की मांग बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में दायर जनहित याचिका में की गई है। याचिकाकर्ता शम्मी रामप्यारे गुप्ता ने कोर्ट में यह याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता के अनुसार उन्होंने जुलाई 2019 में स्ट्रीट वेंडिंग के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था, लेकिन मनपा ने अभी तक उनका पंजीयन नहीं किया है।

इधर टाउन वेंडिंग कमेटी गठित करने के लिए 17 दिसंबर 2019 काे चुनाव कराया गया था। इस चुनाव के लिए कुल 3 हजार 149 हॉकर्स का पंजीयन रिकॉर्ड पर था। इसमें से महज 1 हजार 282 हॉकर्स ने मतदान किया था। अब तक इस चुनाव के नतीजे सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार शहर में हॉकर्स की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। उनके लिए स्ट्रीट वेंडर एक्ट देश में लागू है। इसी एक्ट के तहत टाउन वेंडिंग कमेटी का गठन भी जरूरी है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो सका है। मामला अब कोर्ट में है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।