दैनिक भास्कर हिंदी: बड़े पैकेज पर जॉब कर रहे हैं नक्सलियों के बच्चे, उच्च शिक्षा लेकर कोई बनना चाहता है डाक्टर तो कोई वकील

August 25th, 2018

डिजिटल डेस्क, गड़चिरोली। नक्सल आंदोलन का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ नक्सलियों के बच्चे उच्च शिक्षा ले रहे हैं। कई नक्सलियों के बच्चे उच्च शिक्षित होकर बड़ी कंपनियों में बड़े पैकेज पर जॉब भी कर रहे हैं। हाल ही में सरेंडर करने वाले पहाड़सिंग नामक खूंखार नक्सली की बेटी छत्तीसगढ़ में बीएससी की शिक्षा लेने की जानकारी मिली है। पहाड़सिंग ऊर्फ टीपू सुलतान ऊर्फ बाबूराव तोफा इस नाम से पहचाने जाने वाले पहाड़सिंग का सही नाम कुमारसाय कतलामी है। वह छग के राजनांदगांव जिले के फाफामार गांव निवासी है। हाल ही में उसने छग पुलिस के सामने सरेंडर किया है। 

यहां बता दें कि, नक्सलियों के उत्तर गोंदिया-गड़चिरोली विभागीय समिति का सदस्य रह चुका पहाड़सिंग पर गड़चिरोली जिले में 50 से अधिक गंभीर मामलों में अपराध दर्ज हैं। वर्ष 2013 में जिले के तत्काल पुलिस अधिक्षक सुवेज हक अपने सहयोगियों के साथ पहाड़सिंग के घर फाफामार में गए थे। उस समय उन्होंने पहाड़सिंग को सरेंडर करने की बात परिजनों से कही थी। एसपी हक ने पहाडंसिंग के परिजनों को मिठाई और कपड़े बांटे। उस समय पहाड़सिंग की बेटी ने डॉक्टर बनने की इच्छा व्यक्त की थी। हक ने उसे वैद्यकीय शिक्षा लेने के लिए पुलिस विभाग सहयोग करने का आश्वासन भी दिया था।

इस संदर्भ में जानकारी मिलते के बाद वर्ष मार्च 2014 में पहाड़सिंग द्वारा अपने परिवार को लिखा खत पुलिस के हाथ लगा। जिसमें पहाड़सिंग ने अपनी बेटी के डॉक्टर बने ऐसी इच्छा व्यक्त की। तत्काल एसपी हक का जिक्र करते हुए लिखा कि उन्होंने मेरे परिवार को मिठाई और कपड़े देने साथ मेरे बच्चों को किताबें भी दी। मेरी बेटियां चंद्रकांता व वनिता शिक्षा के माध्यम से अपना विकास करे ऐसी बात भी पहाड़सिंग ने खत में लिखी थी। यहा बतां दे कि, पहाड़सिंग की बड़ी बेटी चंद्रकांता अब छग के नामांकित महाविद्यालय में बीएससी के अंतिम सत्र में है। वहीं छोटी बेटी 12 वीं और बेटा लेकराम यह कक्षा 10 वीं में शिक्षा ले रहा है। 

बड़े पैकेज पर काम कर रहे हैं नक्सलियों के बच्चे
वरिष्ठ कॅडर के नक्सलियों के बच्चे कहां शिक्षा ले रहे हैं और कहां-कहां नौकरी कर रहे हैं, इस संदर्भ में नक्सल विरोधी अभियान के सूचना व जनसंपर्क कक्ष ने नवंबर 2015 में जानकारी जारी की थी। ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को अपने हिंसक आंदोलन में शामिल करने के लिए सामग्री का वितरण करने वाले देवकुमार सिंह ऊर्फ अरविंद निशांत ऊर्फ सुजीत का बेटा कानपुर आईटीआई में केमिकल इंजीनियरिंग की शिक्षा ले रहा है।

नक्सल आंदोलन का कमांडर रहा मल्लराजी रेड्डी ऊर्फ सतेन्ना ऊर्फ सयन्ना ऊर्फ सागर ऊर्फ आलोक ऊर्फ देशपांडे ऊर्फ एसएएन ऊर्फ लक्ष्मण की बेटी स्नेहलता बीएसएसी की शिक्षा पूर्ण कर वह अब एलएलबी कर रही है। विजय रेड्डी ऊर्फ सुगुलरी चिन्नान्ना ऊर्फ नागन्ना का बड़ा बेटा बी.टेक  की उपाधि लेकर तेलंगाना की बहुराष्ट्रीय कंपनी में लाखों रुपए के पैकेज पर नौकरी कर रहा है। उसका छोटा बेटा प्रताप बी.टेक की उपाधि ले चुका है।

शहरी क्षेत्र में नक्सल आंदोलन की जिम्मेदारी निभाने वाले कंपनी कमांडर केके मुरलीधरन ऊर्फ राजेंद्र ऊर्फ गोपी ऊर्फ राधव ऊर्फ विजयन्ना ऊर्फ सन्नी का बेटा नचिकेतन यह केरल राज्य के कोची में सॉफ्टवेयर कंपनी में अभियंता के रूप में कार्यरत है। दंडकारण्य स्पेशल झोनल कमिटी का प्रवक्ता रहा और बाद में आत्मसमर्पण करने वाले राजचंद्र रेड्डी ऊर्फ कटारामचंद्र ऊर्फ गुडसा उसेंडी की बेटी स्नेहा डॉली बीटेक की पदवी लेकर आयटी कंपनी में 5 लाख रुपयों का पैकेज पर नौकरी कर रही है। वहीं उसका बेटा दंतशास्त्र (डेन्टल) की शिक्षा ले रहा है।