चंद्रपुर: सड़क से उड़नेवाली धूल से खतरे में बच्चों का स्वास्थ्य

February 28th, 2022

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर. जिले के राजुरा तहसील अंतर्गत रामपुर की सड़कें धूल से भरी नजर आ रही है। वाहनों का यातायात होने पर बड़े पैमाने पर धूल उड़ रही है। इस कारण शाला में आना-जाना करनेवाले विद्यार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क से उड़ने वाली धूल के कारण विद्यार्थियों का स्वास्थ्य खतरे में है किंतु प्रशासन इस पर खामोश क्यों है। यह सवाल विद्यार्थियों द्वारा उठाया जा रहा है। गत दो साल से कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद थे। लेकिन अब कोरोना कम होने से स्कूल खोले गए हैं। लेकिन रामपुर में स्कूल जाने का रास्ता प्रदूषणयुक्त हो गया है। जिससे यहां से स्कूल जाने वाले रास्ते में धूल के कारण विद्यार्थियों को स्कूल आते-जाते समय काफी परेशानी होती है और उनका स्वास्थ्य खतरे में पड़ रहा है। कोरोना संकट के बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में  स्कूलें शुरू हो गई हंै। जैसे-जैसे परीक्षाएं नजदीक आ रही है विद्यार्थी और शिक्षक पाठ्यक्रम पूरा कर परीक्षा की तैयारी करने में लगे हैं। ऐसे में शिवाजी हाई स्कूल गोवरी, जिला परिषद स्कूल गोवरी, प्रियदर्शनी विद्यालय साखरी, एकलव्य कॉन्वेंट इन शालाओं के सैकड़ों विद्यार्थी इस मार्ग पर प्रतिदिन आवागमन कर रहे हैं। लेकिन परिवहन के कारण सड़क पर बड़ी मात्रा में धूल उड़ रही है। जिससे विद्यार्थियों का स्वास्थ्य खतरे में है। इसलिए इस मार्ग को धूल से मुक्त करने की मांग की जा रही है। रामपुर और गोवरी के नागरिकों ने इस सड़क का निर्माण शुरू करने और दिन में तीन बार पानी मारने के लिए कई बार आंदोलन किया। निर्माण विभाग के प्रतिनिधि एवं संबंधित ठेकेदार ने धरना स्थल पर आकर शीघ्र कार्य प्रारंभ करेंगे। यह आश्वासन दिया गया था। लेकिन कभी पानी मारा जाता है और कभी पानी नहीं मारा जाता इससे सड़क के किनारे बने घरों में धूल की परत जम रही है और नागरिकों और स्कूल जानेवाले विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य समस्याएं निर्माण हो रही है। इस पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने संबंधित ठेकेदारों और निर्माण विभाग से धूल को नियंत्रित करने और निर्माण को जल्द से जल्द पूरा करने के साथ ही सड़क पर पानी का छिड़काव करते रहने का आग्रह किया था। लेकिन ऐसा न होने से जैसे-जैसे परीक्षा का समय नजदीक आ रहा है। धूल के कारण विद्यार्थियों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।