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दैनिक भास्कर हिंदी: शहडोल जिले में पीएम गरीब कल्याण योजना में घालमेल! बिना गुणवत्ता परीक्षण बांटने भेजा 77 हजार एमटी राशन

June 10th, 2021

रैक प्वाइंट से सीधे दुकानों तक भेजा पीडीएस का खाद्यान्न, नान ने मानी गड़बड़ी
डिजिटल डेस्क शहडोल ।
कोरोना संक्रमण काल में गरीबों और जरूरतमंदों के राशन वितरण में कथित घालमेल का मामला सामने आया है। शहडोल जिले में रेलवे के रैक प्वाइंट से गेहूं को सीधे उचित मूल्य की दुकानों (राशन दुकान) में बांटने के लिए भेज दिया गया! जिम्मेदारों के इस कृत्य से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत आया 77 हजार मीट्रिक टन राशन का वितरण संदेह के घेरे में है। कोरोना काल में गरीबों को मुफ्त मिलने वाले अनाज की गुणवत्ता और तौल सही है या नहीं? इसका परीक्षण ही नहीं हुआ। शहडोल कलेक्टर डॉ. सतेंद्र सिंह ने मामले को चिंताजनक बताते हुए जांच कराने की बात कही है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वर्ष 2014 द्वारा प्रदाय योजना में प्रत्येक दुकानों तक खाद्यान्न पहुंचाने के लिए नियम बनाए गए। इसके अनुसार रैक प्वाइंट से खाद्यान्न पहले संबंधित गोदाम तक पहुंचाया जाएगा। जहां नान, फूड व अन्य विभाग के तकनीकी अधिकारी-कर्मचारी अनाज की गुणवत्ता परखेंगे। इसके बाद वितरण के लिए केंद्र तक भेजा जाएगा। राशन दुकानों में अनाज रखवाने के पहले तौल अनिवार्य है। इस व्यवस्था का उद्देश्य गरीबों को गुणवत्तायुक्त और सही तौल का अनाज देना है। 
दुकानदार बोले- अनाज रखवाने के पहले नहीं होती तौल   
ट्रक में रैक प्वाइंट से अनाज लोड करने के बाद धर्मकांटा में वजन होता है, लेकिन गोडाउन में परीक्षण के लिए ले जाने के बजाय सीधे राशन दुकानों में ले जाकर बोरियों के हिसाब से अनलोड कर दिया जाता है। अनेक दुकानदारों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया, दुकान में अनाज रखवाने के पहले कभी भी तौल नहीं कराई जाती। बोरियां गिनकर रखी जाती हैं, जिससे कई बार खाद्यान्न कम निकलता है। आवंटन व प्रदाय में अंतर होने से कई बार हितग्राहियों के हिस्से का अनाज कम होने से विवाद की स्थिति बनती है। जिले में 2.40 लाख पात्रताधारी परिवारों के 8 लाख से अधिक गरीबों के लिए आवंटित अनाज का परिवहन हर महीने नियम दरकिनार कर हो रहा है।  
इनका कहना है.... 
रैक प्वाइंट से सीधे दुकानों तक अनाज पहुंचाने का मामला मेरे संज्ञान में है। प्रकरण मेरे आने का पहले का हो सकता है। फिर भी मामले की जांच कराई जा रही है।
राकेश चौधरी, प्रबंधक नान 

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