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Corona : नागपुर में 6,338 मरीज डिस्चार्ज, जानिए - विदर्भ के ताजा आंकड़े

Corona : नागपुर में 6,338 मरीज डिस्चार्ज, जानिए - विदर्भ के ताजा आंकड़े

डिजिटल डेस्क, नागपुर। उपराजधानी में पिछले कुछ समय से लगातार संक्रमितों से ज्यादा मरीज डिस्चार्ज हो रहे हैं। गुरुवार को भी यही स्थिति रही। पिछले 24 घंटे में 4,900 नए मरीज मिले। जबकि 6,338 मरीज डिस्चार्ज हुए। जिले में 21878 नूमनों की जांच की गई। इसके साथ ही 81 मरीजों की मौत हुई जो पिछले दिनों के आंकड़ों की तुलना में कम है। रिकवरी रेट 83.44% रहा।

अमरावती में फिर टूटा रिकार्ड, मिले 1189 संक्रमित 

कोरोना की दूसरी लहर के आरंभिक दौर में हलाकान अमरावती जिले में कुछ समय स्थिति ठीक रहने के बाद फिर से संक्रमितों की संख्या बढऩे लगी है। गुरुवार को 1189 नए मरीज मिले जो कि अब तक का यहां का सबसे बड़ा आंकड़ा है। 20 लोगों की मृत्यु भी हुई तथा मात्र 519 लोग स्वस्थ हुए। वहीं चंद्रपुर जिले में 2126 लोग स्वस्थ हुए हैं। गुरुवार को विदर्भ के सात जिलों में से चंद्रपुर में ही स्वस्थ होनेवालों का आंकड़ा सबसे बड़ा रहा।  

वर्धा जिले में 25 लोगों ने कोरोना से जूझते हुए दम तोड़ दिया। 935 नए मरीज मिले तथा 607 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। यवतमाल जिले में भी 919 लोग संक्रमित मिले तथा 983 को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। 16 लोग कोरोना से जीवन की जंग हार गए। चंद्रपुर जिले में 15 लोगों की मृत्यु हो गई तथा 1508 लोग संक्रमित पाए गए। यहां पर सर्वाधिक 2126 लोग कोरोना मुक्त हुए हैं। गड़चिरोली जिले में 6 लोगों की मृत्यु के साथ 562 लोग संक्रमित पाए गए हैं जबकि 542 लोगों ने कोरोना को मात दी है। गोंदिया और भंडारा में तेजी से मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। गुरुवार को गोंदिया में 397 लोग संक्रमित पाए गए जबकि इससे अधिक 603 लोग स्वस्थ भी हुए। 8 लोगों ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं भंडारा जिले में भी 715 लोग स्वस्थ हो गए तथा इसकी अपेक्षा कम 527 नए मरीज पाए गए। हालांकि 16 लोगों की मृत्यु भी हुई। 
  
वर्धा में सख्त लॉकडाउन 

वर्धा जिले में कोरोना के कारण हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि जिलाधिकारी प्रेरणा देशभ्रतार ने जिले में शनिवार 8 मई से 13 मई की तक सख्त लॉकडाउन लगाने के आदेश जारी किए हैं। इस दौरान सभी कार्यालय, बैंक, पेट्रोल पंप, किराना व सब्जी की दुकानें तक बंद रहेंगी। सिर्फ पार्सल सेवा जारी रहेगी। इस दौरान जिले की सभी सीमाएं बंद रहेंगी।  केवल मेडिकल स्टोअर्स, अस्पताल और ऑनलाइन औषधि सेवा २४ घंटे शुरू रहेगी। 


अमरावती का तिवसा अगले आदेश तक सील 

अमरावती जिले का तिवसा नगर पंचायत क्षेत्र गुरुवार 6 मई से अगले आदेश तक सील कर दिया गया है। जिसके बाद शहर में सन्नाटा छा गया है। तहसीलदार ने अगले आदेश तक सभी किराना दुकान, होटल, सब्जी और फल, हार्डवेयर, उपहारगृह, सीमेंट आदि की दुकानें बंद रखने के आदेश दिए हैं। इस दौरान केवल मेडिकल स्टोर्स खुले रखने की अनुमति दी गई है। 

चंद्रपुर में निजी अस्पताल की मान्यता की रद्द 

गत माह 19 अप्रैल को 41 वर्षीय कोरोना संक्रमित की मौत के बाद 1 लाख 65 हजार रुपए के बिल के लिए 12 घंटे तक मरीज का शव परिजनों को न दिए जाने के मामले में वैद्यकीय शिक्षा मंत्री अमित देखमुख के आदेश पर जिलाधिकारी अजय गुल्हाने ने डा. रितेश दीक्षित के श्वेता अस्पताल की मान्यता रद्द कर दी है। घटना के करीब 16  दिन बाद जिला व मनपा प्रशासन ने 30 बेड वाले श्वेता अस्पताल के खिलाफ यह कार्रवाई की जिससे चिकित्सा क्षेत्र में खलबली मच गई है। आम आदमी पार्टी ने सोशल मीजिया पर डाक्टर के साथ बातचीत का वीडिओ वायरल किया था। तत्पश्चात सांसद बालू धानोरकर ने भी मामले की शिकायत की थी। इसके अलावा शहर के और दो डाक्टरों को इसी तरह के मामलों में नोटिस दिए गए हैं।  एक अन्य मामले में बगैर अनुमति के कोरोना मरीज का इलाज करने के आरोप में जिला प्रशासन के कोरोना टास्क फोर्स की टीम ने गुरुवार को एमबीबीएस जनरल फिजिशियन डॉ. शफीक शेख के खिलाफ भी कार्रवाई की।
 

अकोला, बुलढाणा, वाशिम में 19 मृत, 15,896 एक्टिव केस

अकोला जिले में 11 मरीजों की मौत हो गई। अब संक्रमण की चपेट में जान गंवानेवालों की संख्या 754 हो गई है। 680 नए पॉजिटिव बढ़ने से कुल संक्रमितों की तादाद 43,801 हो गई है। 459 लोग डिस्चार्ज किए गए, जिससे स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या 36,860 हो गई है। 6,187 एक्टिव मरीजों का इलाज जारी है। 

बुलढाणा जिले में गुरुवार को 2 मरीजों ने दम तोड़ दिया। 641 नए पॉजिटिव मिलने से कुल संक्रमितों की संख्या 68,844 हो गई है। 1,351 मरीज स्वस्थ हुए, अब ठीक हो चुके लोगों की तादाद 62,940 हो गई। 5,458 सक्रिय मरीजों का उपचार जारी है। 

वाशिम जिले में गुरुवार को 6 मरीजों की मौत हुई। 496 नए मरीज मिलने से कुल संक्रमित 30,253 और मृतक बढ़कर 324 हो गए हैं। 498 मरीजों के ठीक होने से स्वस्थ हो चुके लोगों की संख्या 25,520 पर पहुंच गई है। 4,251 सक्रिय मरीजों का उपचार जारी है। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।