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5.5 करोड़ की सीमेंट सड़क में पड़ी दरार, जांच करेगी सीआरआरआई

5.5 करोड़ की सीमेंट सड़क में पड़ी दरार, जांच करेगी सीआरआरआई

डिजिटल डेस्क, नागपुर ।  शहर में करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई जा रहीं सीमेंट सड़कों की गुणवत्ता के चलते विकास कार्य का मखौल उड़ाती दिखाई दे रही है। हैरानी की बात तो यह है कि शहर में कई जगह सीमेंट सड़क का काम पूरा होने से पहले ही वह बीच से टूट रही है। ऐसा ही हाल मेडिकल चौक से अशोक चौक जाने वाली सड़क का है। तय समय मई 2018 में काम पूरा न होने पर ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं करते हुए अक्टूबर 2019 तक एक्सटेंशन दे दिया है, इससे अधिकारियों की संदिग्धता दिखाई दे रही है। मामले को लेकर सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) सड़क की जांच करने वाली है, इस सड़क के अन्य पैंचों की जांच हो चुकी है।

किसी पर भी कार्रवाई नहीं
जानकारी के अनुसार मेडिकल चौक से बैैद्यनाथ चौक तक दोनों तरफ सीमेंट बनाने का वर्क ऑर्डर 20 जून 2017 को डी.पी. जैन एंड प्रा.लि. को दिया गया था। यह रोड करीब 750 मीटर लंबी और 30 मीटर चौड़ी है। 5.49 करोड़ के इस काम को 11 माह अर्थात मई 2018 तक पूरा करना था, लेकिन तय समय में काम पूरा नहीं हो सका।  हैरानी की बात यह है कि काम में लेटलतीफी और लापरवाही करने वालों ठेकेदार व अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा सड़क बनाने के लिए तो सिर्फ 11 माह का समय दिया था, लेकिन एक्सटेंशन में और 16 माह का समय दे दिया, जो अक्टूबर 2019 को खत्म होने वाला है।

एम-45 की सड़क भी टूट रही  
शहर में प्रमुख सीमेंट सड़क को एम-45 का बनाया जा रहा है। इसका कारण यह है कि सड़क के ऊपर से निकलने वाला हैवी ट्रैफिक को वह सहन कर सकता है। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि मेडिकल चौक से अशोक चौक के बीच इतना हैवी ट्रैफिक भी नहीं निकलता है, इसके बाद भी यह स्थिति बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि मनपा के लोक निर्माण विभाग की कार्यकारी अभियंता सोनाली चव्हाण सीमेंट सड़क में आने वाले क्रैक को सामान्य बता चुकी है।
 

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