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पीएमसी बैंक घोटाला : ईडी की नजर में है आरोपियों की करोड़ की संपत्ति 


डिजिटल डेस्क, मुंबई। पंजाब और महाराष्ट्र कोआपरेटिव (पीएमसी) बैंक घोटाले की छानबीन में जुटा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आरोपियों की 3830 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्तियों की पहचान कर चुकीं हैं। इनमें से कुछ प्रापर्टी जब्त भी की जा चुकी है। जांच एजेंसी की ओर से जारी बयान में इसकी जानकारी दी गई है। जब्त की गईं संपत्तियां मामले में आरोपी हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिडेट (एचडीआईएल) और पीएमसी बैंक के अधिकारियों और घोटाले से जुड़े दूसरे आरोपियों की है। वहीं केंद्रीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने पीएमसी खाताधारकों को थोड़ी और राहत देते हुए 40 हजार रुपए तक निकालने की छूट दे दी है। एचडीआईएल के प्रमोटरों राकेश और सारंग वाधवान का वसई और पालघर इलाके में स्थित 2112 एकड़ का प्लॉट, कई बंगले, प्राइवेट जेट, यॉच व मंहगी गाड़ियां प्रवर्तन निदेशालय जब्त कर चुका है। इसके अलावा वाधवान की यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित दो संपत्तियों की भी पहचान की गई है। मामले में पीएमसी बैंक के गिरफ्तार अधिकारियों जॉय थॉमस और वरियम सिंह की भी संपत्तियां जब्त की गईं हैं। बता दें कि पीएमसी बैंक का घोटाला 4355 करोड़ रुपए का है।    
  
खाताधारकों को और राहत

रिजर्व बैंक ने पीएमसी बैंक के खाताधारकों को 40 हजार रुपए तक निकालने की छूट दे दी है। बैंक इससे पहले दो बार यह सीमा बढ़ाई जा चुकी है। 23 सितंबर को आरबीआई ने बैंक के कामकाज पर छह महीने की रोक लगाते हुए इस अवधि में खाताधारकों को सिर्फ एक हजार रुपए निकालने की छूट दी थी। लेकिन विवाद और हंगामें के बाद यह सीमा बढ़ाकर पहले 10 हजार और फिर 25 हजार रुपए कर दी गई थी। आरबीआई के मुताबिक निकासी की सीमा 40 हजार रुपए तक बढ़ाए जाने के बाद बैंक के 77 फीसदी ग्राहक अपनी पूरी रकम निकाल सकेंगे। 

तीन आरोपियों की पुलिस हिरासत 16 अक्टूबर तक बढ़ी 

स्थानीय अदालत ने पंजाब महाराष्ट्र को-आपरेटिव बैंक (पीएमसी) बैंक घोटाले के तीन आरोपियों की पुलिस हिरासत को 16 अक्टूबर तक के लिए बढ़ा दिया है। जिन तीन आरोपियों की पुलिस हिरासत बढाई गई है उसमें एचडीआईएल के निदेशक राकेश वाधवान व उसके बेटे सारंग तथा बैंक के पूर्व चेयरमैन वरयाम सिंह का समावेश है।  इन तीनों आरोपियों की हिरासत की अवधि सोमवार को खत्म हो रही थी लिहाजा मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने तीनों आरोपियों को मैजिस्ट्रेट एसजी शेख के सामने पेश किया। पुलिस की ओर से पेश किए गए हिरासत आवेदन पर गौर करने के बाद मैजिस्ट्रेट ने तीनों आरोपियों को 16 अक्टूबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने वाधवान को 3 अक्टूबर को गिरफ्तार था जबकि वरियाम सिंह को 5 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। 

इससे पहले बैंक के सैकड़ो खाताधारकों ने कोर्ट परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। खातधारकोें ने पीएमसी घोटाले को सफेदपोश आतंकवाद बताया। यहीं नहीं कोर्ट परिसर के बाहर खड़े लोगों के हाथ में पोस्टर थे। जिसमें लिखा था कि आरोपियों को बेल नहीं सिर्फ जेल दी जाए। इसके साथ ही बैंक खाते में जमा की मेहनत की कमाई को तुरंत लौटाने की व्यवस्था की जाए। 

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