दैनिक भास्कर हिंदी: खूंखार बाघिन की जिंदगी और मौत का फैसला जल्द, कोर्ट में पशु प्रेमी ने लगाई याचिका

August 10th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। लोगों पर लगातार हमला कर जान लेने वाली बाघिन \"टी-27 कब-1' की जिंदगी और मौत का फैसला गुरुवार को हाईकोर्ट करेगा। वन विभाग ने सोमवार को उसे गोली मारने का निर्णय लिया था। लेकिन मंगलवार को ही पशु प्रेमी जैरिल बनाईत ने वन विभाग के इस निर्णय को कोर्ट में चुनौती दी। कोर्ट में इस मुद्दे पर वन विभाग और याचिकाकर्ता के वकील के बीच लंबी बहस चली। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने गुरुवार सुबह इस मामले पर फैसला सुनाने का निर्णय लिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि फैसला आने तक वन विभाग बाघिन को गोली नहीं मारे। जरूरत ही हो तो बेहोश करके उसे गोरेवाड़ा रेस्क्यू सेंटर में रखा जाए।

9 बार किया हमला, मारना जरुरी

इस मामले में वन विभाग ने बाघिन को गोली मारने के अपने फैसले को पूरी तरह सही बताया है। वन विभाग के अधिवक्ता कार्तिक शुकुल के अनुसार, बाघिन ने अब तक लोगों पर 9 बार हमले किए हैं। 4 घायलों की मृत्यु भी हो गई है। ऐसे में उसे गोली मारना बहुत जरूरी है। दूसरी तरफ, याचिकाकर्ता के अधिवक्ता तुषार मंडलेकर की दलील है कि बाघिन को गोली मारने से पहले मैन-ईटर घोषित करना चाहिए। गोली मारने से पहले सुनिश्चित कर लेना चाहिए की वह जानलेवा है।