comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

मेयो के डीन के नाम पर ली रिश्वत, दिया था नौकरी का झांसा

मेयो के डीन के नाम पर ली रिश्वत, दिया था नौकरी का झांसा

डिजिटल डेस्क, नागपुर। मेयो अस्पताल के कर्मचारी (तकनीशियन) होने का दावा करने वाले को एसीबी ने ऑटोरिक्शा चालक से बीस हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। मंगलवार को हुई इस कार्रवाई में आरोपी के खिलाफ सक्करदरा थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी जावेद पठान हमीद पठान (31) ने खुद को मेयो अस्पताल में टेक्नीशियन बताया। दो महीने पहले उसकी पहचान ताजबाग निवासी एक ऑटोरिक्शा चालक से हुई। जावेद ने  उसे बताया कि मेयो के डीन डॉ.अजय केवलिया और सहारे नामक लिपिक से उसके करीबी संबंध हैं। उनके लेन-देन का सारा काम वही देखता है। उसने ऑटो चालक से कहा-मेयो अस्पताल में वाहन चालक की नौकरी लगवा दूंगा, लेकिन डीन डॉ. अजय केवलिया और सहारे नामक लिपिक को देने के लिए 8 लाख रुपए लगेंगे। ऑटोरिक्शा चालक ने असमर्थता जताते हुए रकम कुछ कम करने को कहा। जावेद का कहना था कि डीन और सहारे बगैर एक रुपया लिए कोई काम नहीं करते। जावेद ने रुपए के लिए कई बार फोन किए। उसकी रिकार्डिंग आटो चालक के मोबाइल में है। इस बीच ऑटोरिक्शा चालक ने एसीबी को इसकी शिकायत की। रिकार्डिंग भी सुनाई। एसीबी ने जावेद को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। 

मंगलवार को ताजबाग परिसर में रिश्वत की रकम में से बीस हजार रुपए बतौर टोकन लेने जावेद आया। उसने जैसे ही रुपए लिए, एसीबी ने धर दबोचा। जावेद पठान के निवासस्थान की भी तलाशी ली गई। सक्करदरा थाने में प्रकरण दर्ज कर जावेद को गिरफ्तार किया गया है। 

डीन और लिपिक की भी जांच होगी

डीन डॉ.अजय केवलिया और सहारे नामक लिपिक का नाम लेने से यह दोनों भी एसीबी के जांच के दायरे में आ गए हैं। अपर अधीक्षक रश्मी नांदेड़कर और अपर अधीक्षक राजेश दुधलकर ने बताया कि रिकार्डिंग के आधार पर जांच पड़ताल की जाएगी। डीन के खिलाफ भी कार्रवाई के संकेत मिले हैं।

रिश्वत को लेकर सुर्खियों में रहा है मेयो  

इसके पहले भी मेयो अस्पताल रिश्वत प्रकरण में सुर्खियों में रहा है। मेयो की तत्कालीन डीन मनाक्षी गजभिये को भी एसीबी ने रिश्वत के मामले में पकड़ा था।

 

कमेंट करें
cU8pD
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।