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देना बैंक को करोड़ों का चूना लगाने वाला मुख्य आरोपी सड़क हादसे में गंभीर घायल

June 20th, 2018 13:07 IST
देना बैंक को करोड़ों का चूना लगाने वाला मुख्य आरोपी सड़क हादसे में गंभीर घायल

डिजिटल डेस्क, नागपुर। देना बैंक के साथ करीब दो करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी समीर चट्टे की कार सड़क हादसे में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में समीर चट्टे गंभीर जख्मी हुआ है, जबकि उसके कार चालक की मौत हो गई है।

हालत नाजुक
समीर चट्टे को जैसे ही पता चला कि उसके कारनामों की शिकायत पुलिस के पास पहुंच चुकी है और पुलिस धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर चुकी है तो वह नागपुर से कार द्वारा जबलपुर की ओर निकल भागा, मगर बीच रास्ते में कार सड़क हादसे का शिकार हो गई। समीर चट्टे को अस्पताल पहुंचाया गया है। उसकी हालत काफी नाजुक बताई जा रही है।

यह है आरोप
समीर चट्टे ने रिश्तेदारों व साथियों के साथ मिलकर मां अनुसया ट्रेडिंग कंपनी, मे. आदिनाथ इंडस्ट्रीज एंड ट्रेडिंग कंपनी, मां तुलजा भवानी ट्रेडिंग कॉरपोरेशन कंपनी के नाम फर्जी दस्तावेज तैयार किया और बैंक से करीब दो करोड़ रुपए का कर्ज लेने में सफल रहा।

ऐसे खुली पोल
वर्तमान बैंक प्रबंधक मोहम्मद शफी हैदर ने दस्तावेजों के आधार पर उन कंपनियों के बारे में जगह का निरीक्षण किया तो उन्हें कारखाना हिवरी नगर में स्थानांतरित होने का झांसा दिया। बैंक अधिकारी हिवरी नगर में बताए गए पते पर गए तो वह संपत्ति किसी और व्यक्ति की निकली।

फर्जीवाड़े की पृष्ठभूमि
घटना के सूत्रधार समीर भास्कर चट्टे (महल निवासी) ने मार्च 2016 में प्लास्टिक की टेबल, कुर्सी और प्लास्टिक का अन्य कारोबार होने के फर्जी दस्तावेज बैंक में जमा कर धरमपेठ स्थित देना बैंक से ही दो करोड़ रुपए की कैश क्रेडिट प्राप्त की। फर्जीवाड़े को अंजाम देने के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट एस.एम.कोठावाला ने भी अहम भूमिका निभाई। कोठावाला ने समीर और उसके साथियों को दो वर्ष का फर्जी बिजनेस प्लान तैयार करके दिया। इस प्लान में करीब साढ़े छह करोड़ और दस करोड़ रुपए का संभावित व्यापार को दर्शाया गया था।

समीर की अरेना इंडस्ट्रीज नामक कंपनी है। इसमें उसका कोई साझेदार नहीं है, बावजूद उसने साझेदारी के फर्जी दस्तावेज तैयार किए। इसके बाद उसने अपने ही मामा दिलीप कलेले और अन्य रिश्तेदारों मेहुल रजनीकांत धुवाविया, गारंटर अनिता नागभीडकर, उसके पति अरुण नागभीडकर धरमपेठ निवासी की मदद से देना बैंक के साथ धोखाधड़ी की। समीर की कंपनी के अलावा विनय स्टील, मोनार्च, प्रदीप उद्योग, शिवदयाल आदि 19 कंपनियों ने भी देना बैंक को चूना लगाया है। सोमवार को गिट्टीखदान स्थित अपराध शाखा में पत्र परिषद में उपायुक्त संभाजी कदम ने उक्त धोखाधड़ी का खुलासा िकया। पुलिस का कहना है कि आरोपी हाथ नहीं लगने पर उनकी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।