दैनिक भास्कर हिंदी:  हाई प्रोफाइल हीरा प्रदर्शनी प्रारंभ , खदान नीलामी के लिए रखे गए 2700 कैरेट हीरा

August 20th, 2019

डिजिटल डेस्क,पन्ना। छतरपुर जिले की बकस्वाहा के बंदर प्रोजेक्ट से मिले करीब 2700 कैरेट हीरों की प्रदर्शनी मंगलवार से पन्ना के महेंद्र भवन यानी पुराने कलेक्ट्रेट बिल्डिंग में प्रारंभ हो गई जिसमें शामिल होने देश की नामी गिरामी कंपनियां सामने आई हैं। रियो टिंटो द्वारा बंदर प्रोजेक्ट से हीरे छानबीन के दौरान जो प्रोसिस की गई थी उसमें मिले हीरो की नीलामी एग्जीबिशन का आयोजन सरकार कर रही है। अडानी समूह, वेदांता ग्रुप, शिवरा रूटा, माइनिंग जेम्स, अरविंद रूरल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, सेल माइनिंग एंड लिमिटेड, अडानी इंटरप्रिटीज लिमिटेड, अडानी कोल एंड माइनिंग एनएमडीसी सहित कई कंपनियों के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से शामिल हो रहे हैं।

भारी सुरक्षा व्यवस्था

बंदर प्रोजेक्ट से करीब सात हजार करोड़ रुपये के हीरे इस एग्जीबिशन में रखे जायेगे इसके लिये प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तैयारियां शुरू कर दी है ।  माइनिंग विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य शासन खनिज विभाग द्वारा छतरपुर स्थित हीरा खनिज खंड बंदर डायमंड प्रोजेक्ट तहसील बक्सवाहा की अन्वेषण के दौरान एकत्र किये गये हीरे जो पन्ना में जमा किये गये थे उनको रखा गया है । इस पूरे कार्य को संपादन कराने के लिये आर.के.पांडे खनिज अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है । इसके अलावा हीरा अधिकारी रहे रत्नेश दीक्षित, अनुराग चौबे उप महाप्रबंधक एनएमडीसी मझगवां, जयप्रकाश हीरा पाखी एनएमडीसी मझगवां, अनुपम सिंह हीरा पाखी कार्यालय पन्ना जिला कोषालय से हीरा निकालकर दिखायेंगे और पुन: कोषालय में जमा करेंगे इसके अलावा सभा कक्ष की स्वागत एवं समन्वय स्थापित करने की जिम्मेदारी दिनेश कुमार बागडे अधीक्षक भोमकी विद भोपाल एवं संजीव मोहन पांडेय क्षेत्रीय प्रमुख को सौंपी गई है।

क्या होगा फायदा

पन्ना जिले में हीरो के बड़े भंडार है इसके अलावा छतरपुर और टीकमगढ़ में भी कई क्षेत्रों में हीरो के भंडार मिले हैं । हीरा का उत्पादन हो इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार प्रयास कर रही है क्योंकि हीरा केवल मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से सराउंडिंग क्षेत्र में पाया जाता है । ऑस्ट्रेलिया की नामी-गिरामी कंपनी रियो टिंटो ने जो छतरपुर जिले की बकस्वाहा स्थित बंदर प्रोजेक्ट में हीरे की खोज की गई है इस प्रोजेक्ट में भी उत्खनन बंद है ।सरकार ने परमिशन नहीं दी और कंपनी भी काम छोड़कर चली गई । लिहाजा इस प्रोजेक्ट को भी उत्खनन कार्य में लेने के लिये सरकार नीलाम कर सकती है और अच्छी क्वालिटी की यदि यह हीरे निकले तो बड़ी कंपनियां नीलामी में हिस्सा लेकर इस बंदर प्रोजेक्ट को उत्खनन के लिये खरीद सकती हैं । इस कारण से भी इस एग्जीबिशन का विशेष महत्व है। 

डायमंड पार्क का भी खुल सकता है रास्ता

हीरा सिर्फ पन्ना जिले में पाया जाता है पर कटिंग पॉलसिंग और एग्जीबिशन के लिए डायमंड पार्क का निर्माण नहीं हो सका । पन्ना जिले की बहुप्रतीक्षित मांग अभी पूरी नहीं हुई सभी राजनेताओं ने भरोसा दिया पर कोई मांग पूरी ना होने से निराशा ही हाथ लगी है । यदि बड़ी कंपनियां हीरे की एग्जीबिशन में हाथ बटा कर निवेश करती है तो पन्ना में शीघ्र ही प्रशासन डायमंड पार्क का निर्माण कर सकता है।
 

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