दैनिक भास्कर हिंदी: एक विवाह ऐसा भी, एंबुलेंस में रचाई शादी

May 11th, 2018

डिजिटल डेस्क, चंद्रपुर। एक विवाह चंद्रपुर में सुर्खियों में है। दरअसल शादी के पहले दुल्हन की तबीयत अचानक बिगड़ जाने से ऐसी स्थिति आ गई की दूल्हा-दुल्हन का विवाह एंबुलेंस में करवाना पड़ा। शादी वाले दिन दूल्हा, दुल्हन व बाराती और घराती सभी मंडप स्थल में पहुंचे। मुहूर्त निकलने की चिंता वधु और वर पक्ष के चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी। इधर बैंड-बाजे की धुनों पर बाराती थिरक रहे थे। दूसरी ओर वर और वधु के पिता समय पर विवाह कैसे संपन्न करवाया जाए, इस बात को लेकर चर्चा कर रहे थे। इस बीच अस्पताल से दुल्हन को लेकर एम्बुलेंस विवाह स्थल पर पहुंची। तभी दोनों पक्ष के परिजनों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए निधारित मुहूर्त पर मंगलाष्टक किया।

वहीं एम्बुलेंस में ही दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे को जयमाला पहनाकर दोनों परिवारों की चिंता दूर कर दी। बता दें कि चंद्रपुर में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है दुल्हन की तबीयत विवाह से तीन दिन पूर्व से  खराब चल रही थी। उसे चंद्रपुर के अस्पताल में भर्ती किया गया। दो दिन में उसकी तबीयत में कुछ सुधार होने की आशा वधु पक्ष को थी, लेकिन विवाह के दिन भी दुल्हन को सलाइन लगाई गई। ऐसे में दोनों पक्षों की चिंता बढ़ गई।  

इस तरह सूझबूझ से लिया काम 
बताया जाता है कि जिले के गोंडपिपरी तहसील के बढोली निवासी गणेश दलपत आत्राम व पोंभुर्णा तहसील के चिंतलधाबा निवासी वैशाली सोयाम के विवाह की। सारी रस्में पूरी हो गई थीं। केवल बारात और विवाह संपन्न होना शेष था। ऐसे में अचानक वैशाली की तबीयत खराब हो गई। उसे चंद्रपुर के अस्पताल में दाखिल किया गया। मुहूर्त के ऐन समय पर भी वह मंडप में आने की स्थिति में नहीं थी। इसलिए दोनों परिवारों ने काफी समय तक विचार-विमर्श किया।

हल के रूप में एक सामाजिक कार्यकर्ता के सुझाव के अनुसार दुल्हन को एम्बुलेंस में विवाह मंडप तक लाने, वहीं मंगलाष्टक और जयमाला का कार्यक्रम संपन्न करवाने के बाद उसे पुन: अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया गया। इस बारे में डाक्टर से चर्चा कर उन्हें आग्रह किया गया। अगले दो घंटे में सलाइन लगाकर एम्बुलेंस में दुल्हन को मंडप तक लाया गया। विवाह संपन्न करवाने के बाद दोनों पक्षों ने राहत की सांस ली। यह विवाह जिले में अब चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे परिस्थिति में दोनों परिवारों के प्रमुखों ने सूझबूझ का परिचय देकर विवाह संपन्न कराया। साथ ही समाज के समक्ष आदर्श भी रखा।