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31 दिसंबर तक होगा नए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव, सोले को सह चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी

31 दिसंबर तक होगा नए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव, सोले को सह चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में नई सरकार बनाने की उलझन के बीच भाजपा ने संगठनात्मक चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष का चयन 31 दिसंबर तक होगा। बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में पार्टी के संगठनात्मक चुनाव की रुपरेखा तय की गई। भाजपा के वरिष्ठ नेता व वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बताया कि पार्टी के संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया 31 दिसंबर तक पूरी कर ली जीएगी। इसके तहत प्रदेश भाजपा के नए अध्यक्ष का चुनाव होगा। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष के चुनाव से पहले पार्टी के मंडल अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, बूथ समिति के अध्यक्ष का चुनाव होगा। मुनगंटीवार ने कहा कि भाजपा का विस्तार सर्वव्यापी करने के लिए संगठन में युवा, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, वंचित और दुर्बल जाति को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। मुनगंटीवार ने कहा कि प्रदेश भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील बने रहेंगे अथवा नहीं इस पर संगठनात्मक स्तर पर फैसला होगा। प्रदेश अध्यक्ष पाटील का कार्यकाल 31 दिसंबर को खत्म हो रहा है। इसलिए संगठन के चुनाव की तैयारी की गई है। लोकसभा चुनाव बाद भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष रावसाहब दानवे के मोदी सरकार में राज्य मंत्री बनने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद पर पाटील को नियुक्त किया गया था। 

संगठनात्मक चुनाव के लिए समिति गठित

भाजपा ने प्रदेश के संगठनात्मक चुनाव के लिए निर्वाचन समिति का गठन किया है। प्रदेश भाजपा के महासचिव सुरेश हलवणकर चुनाव अधिकारी होंगे। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. भागवत कराड और प्रदेश सचिव प्रा. अनिल सोले को सहचुनाव अधिकारी बनाया गया है। भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री व पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी राधामोहन सिंह ने निर्वाचन समिति का गठन किया है। 

प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक चुनाव की तैयारी, सोले बने सह चुनाव अधिकारी

चुनाव कार्य के लिए निर्वाचन समिति बनायी गई है। विधानपरिषद सदस्य प्रा.अनिल सोले सह चुनाव अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। संगठन के केंद्रीय चुनाव अधिकारी राधामोहनसिंह ने यह नियुक्ति की है। समिति में मुख्य चुनाव अधिकारी सुरेश हलवणकर, सह चुनाव अधिकारी डॉ.भागवत कराड शामिल है। प्रा.सोले की नियुक्ति पर जिले के सभी भाजपा विधायक व पदाधिकारियों ने अभिनंदन किया है। प्रा.सोेले को संगठनात्मक मामले में कुशल रणनीतिकार माना जाता है। नागपुर मनपा में 5 बार नगरसेवक रहे हैं। संगठनात्मक मामलों में उनकी कुशलता को देखते हुए उन्हें भाजपा ने मनपा में सत्ता पक्ष नेता बनाया था। भाजपा के शहर अध्यक्ष भी रहे हैं। बाद में वे महापौर भी चुने गए। महापौर रहते हुए उनके कार्यों को काफी सराहा गया। 2012 में वे मेयर काउंसिल आफ महाराष्ट्र के उपाध्यक्ष चुने गए थे। 2014 में मेयर काउंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष भी रहे। विविध चुनावों में वे प्रदेश स्तर पर भाजपा में संगठनात्मक कार्यों की जिम्मेदारी संभालते रहे हैं। फिलहाल स्नातक निर्वाचन क्षेत्र नागपुर विभाग से विधानपरिषद सदस्य हैं। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।