अकोट : शहर में कांवड़ मार्ग पर बढ़ा अतिक्रमण

July 24th, 2022

डिजिटल डेस्कअकोट। शहर में निकाले जाने वाला कावड़ यात्रा महोत्सव पूरे विदर्भ में प्रसिध्द है। लेकिन इस साल शहर में बढ़ रहे अतिक्रमण से कावड़ यात्रा महोत्सव में कई दिक्कतें आ सकती है। कावड़ यात्रा मार्ग पर ही अतिक्रमण हो गया है और इस ओर नगर पालिका प्रशासन की अनदेखी हो रही है। अकोट नगर पालिका प्रशासन ने इस मुद्दे पर अभी तक चुप्पी साधली है। कावड़ यात्रा मार्ग पर बढ़े हुए अतिक्रमण हटाने की मांग इससे पहले भी की जा चुकी है लेकिन नगर पालिका प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, ऐसा श्रध्दालुओं को कहना है। अब नगर परिषद प्रशासन श्रध्दालुओं की भावना की कदर करते हुए अतिक्रमण हटाने की कारवाई करता है या नहीं यह जल्द ही सामने आएगा, ऐसा श्रध्दालुओं का कहना है।

शहर की कावड़ यात्रा विदर्भ पांचों जिले में प्रसिध्द है। अकोला मार्ग पर स्थित नगर पालिका के नाके से कावड़ यात्रा आरम्भ होती है। यहां से शिवाजी चौक, सोनू चौक, नरसिंग रोड़, यात्रा चौक, सोमवार वेस, मोठे बारगण, रामटेक पूरा, गोलबाजार से होते हुए जवाहर रोड़ से तपेश्वरी महादेव मंदिर में जलाभिषेक कर यह कावड़ यात्रा समाप्त होती है। इस कावड़ यात्रा मार्ग पर जिप शाला के गेट के पास अतिक्रमण हो गया है। वहीं इस मार्ग पर कई जगह छोटे व्यावसायिकों ने दुकानें लगाई है। यहां पर हातगाड़ीयां, ठेले, दुपहिया वाहन आदि से यातायात में बाधा आती है। नरसिंग रोड़ पर दो माह पहले दुर्घटना हुई थी। इस में कई लोग घायल हो गए थे। इस दुर्घटना के लिए यहां का अतिक्रमण भी कारणवश रहा है। इस तरह शहर के कावड़ यात्रा मार्ग पर बढ़ा अतिक्रमण हटाना आवश्यक हो गया है, ऐसा श्रध्दालुओं का कहना है।

अकोट संवेदनशील शहर

कोरोना संक्रमण के बाद अकोट शहर में पहलीबार हो रही है। जाहिर है कि श्रध्दालुओं की उपस्थित बड़े पैमाने में रहेगी। दूसरी ओर अकोट शहर संवेदनशिल माना जाता है। यहां पर कानुन व्यवस्था की कोई भी समस्या न हो इस के लिए कावड़ यात्रा मार्ग पर बढ़ा हुआ अतिक्रमण हटाना आवश्यक हो गया है। वहीं आगामी गणेशोत्सव, दुर्गा उत्सव के मद्देनजर भी अतिक्रमण हटाने की आवश्यकता है। नगर पालिका प्रशासन इस ओर ध्यान दे, ऐसी मांग श्रध्दालुओं की ओर से हो रही है।