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देश में सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन वाले संरक्षित क्षेत्रों की हर साल बनेगी सूची और किया जाएगा पुरस्कृत

January 12th, 2021 17:18 IST
देश में सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन वाले संरक्षित क्षेत्रों की हर साल बनेगी सूची और किया जाएगा पुरस्कृत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय देश में सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन वाले संरक्षित क्षेत्रों की हर साल बनेगी सूची और किया जाएगा पुरस्कृत : श्री प्रकाश जावडेकर पर्यावरण मंत्री ने 146 राष्ट्रीय पार्कों और वन्यजीव अभायरण्यों का प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन (एमईई) जारी किया भारतीय चिड़ियाघरों और समुद्री संरक्षित क्षेत्रों के लिए प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन की रूपरेखा भी पेश की गई पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री प्रकाश जावडेकर ने आज देश में 146 राष्ट्रीय पार्क और वन्यजीव अभयारण्यों की प्रबंधन प्रभावशीलता का मूल्यांकन (एमईई) जारी किया। वर्तमान में, भारत में 903 संरक्षित क्षेत्रों के नेटवर्क में देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 5 प्रतिशत हिस्सा आता है। संरक्षित क्षेत्रों के प्रभाव का आकलन करने के क्रम में प्रबंधन प्रभावशीलता के मूल्यांकन की जरूरत होती है। एक कार्यक्रम में अपने संबोधन में श्री जावडेकर ने कहा कि जिसे दूसरे देश हासिल नहीं कर सके, उसे भारत ने हासिल कर लिया है और आज वह जैव विविधता संपन्न देश बन गया है। केन्द्रीय पर्यावरण मंत्री ने कहा, “भारत में बाघों की वैश्विक आबादी की 70 प्रतिशत, एशियाई शेरों की 70 प्रतिशत और तेंदुओं की 60 प्रतिशत आबादी का होना भारत के जैव विविधता संपन्न देश होने का प्रमाण है, क्योंकि बड़ी बिल्ली की श्रेणी में आने वाले ये जानवर खाद्य श्रृंखला में शीर्ष पर होते हैं और उनकी बढ़ती संख्या से पूरे पारिस्थितिकी तंत्र के बेहतर होने का पता चलता है।” श्री जावडेकर ने यह भी घोषणा की कि इस साल से प्रत्येक वर्ष देश में 10 सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पार्कों, 5 तटीय एवं समुद्री पार्कों और शीर्ष 5 चिड़ियाघरों की सूची जारी की जाएगी और उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। संरक्षित क्षेत्रों (पीए) का प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन (एमईई) पीए प्रबंधकों के लिए एक मुख्य साधन के रूप में उभरा है और सरकारों व अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा संरक्षित क्षेत्र प्रबंधन प्रणालियों की क्षमताओं व कमजोरियों को समझने में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जा रहा है। वर्तमान मूल्यांकन के परिणाम औसतन 62.01 प्रतिशत एमईई अंक के साथ उत्साहजनक रहे हैं, जो 56 प्रतिशत के वैश्विक औसत से ज्यादा है। मूल्यांकन के इस चरण के साथ, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (एमओईएफसीसी) ने 2006 से 2019 तक सभी स्थलीय राष्ट्रीय पार्कों और वन्यजीव अभायरण्यों के मूल्यांकन के एक चक्र को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। एमईई एक बेहद महत्वपूर्ण दस्तावेज है जो वन्यजीव और संरक्षित क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं पर मूल्यवान मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है, साथ ही समुद्री संरक्षित क्षेत्रों के एमईई का विस्तार करता है। समुद्री संरक्षित क्षेत्रों के लिए एक नया खाका डब्ल्यूआईआई और एमओईएफएंडसीसी द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किया गया है। कार्यान्वयन के लिए यह एक बेहद उपयोगी दस्तावेज होगा। पर्यावरण मंत्री ने भारतीय चिड़ियाघरों के लिए प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन (एमईई-जू) की रूपरेखा को भी लॉन्च किया, जो विशेष, समग्र और स्वतंत्र तरीके से प्रबंधन प्रभावशीलता मूल्यांकन प्रक्रिया (एमईई-जू) के माध्यम से देश के चिड़ियाघरों के मूल्यांकन के लिए दिशानिर्देशों, मानदंडों और संकेतकों का प्रस्ताव करता है। मूल्यांकन मानदंड और संकेतक पारम्परिक अवधारणाओं से इतर पशु कल्याण, पशुपालन, स्थायी संसाधन और वित्त शामिल हैं। एमईई-जू की प्रक्रिया भारत भर में चिड़ियाघरों में उच्चतम मानकों के विकास की दिशा में बढ़ रही है और लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जवाबदेही, पारदर्शिता, नवाचार, तकनीक के उपयोग, सहयोग और ईमानदारी के बुनियादी मूल्यों का पालन करते हैं। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।