जायजा : नप के काम पर जताई नाराजगी, न्यायमूर्ति सानप ने किया लोणार सरोवर का अवलोकन

July 25th, 2022

डिजिटल डेस्क, लोणार। सरोवर का विकास हो, इस हेतु मुंबई उच्च न्यायालय की खंडपीठ नागपुर में याचिका दाखिल की गई है। इस याचिका के चलते नागपुर खंडपीठ के न्यायमूर्ति जी. ए. सानप ने हाल ही में लोणार सरोवर के काम का अवलोकन किया। इस समय उन्होंने विविध विभागों को सूचना देकर लोणार नप के कामों पर नाराजी प्रकट की। नागपुर खंडपीठ के न्यायमूर्ती जी. ए. सानप ने शनिवार २३ जुलाई को लोणार सरोवर परिसर का अवलोकन कर, लोणार विकास ढांचे की जानकारी ली। सरोवर संवर्धन के लिए प्राथमिक स्तर पर आवश्यक कार्य नागपुर खंडपीठ द्वारा सुझाए गए थे। विशेषरूप से उन कार्यो का अवलोकन न्यायमूर्ति सानप ने किया। 

सर्वकष समिति के आदेश अनुसार वन्यजीव विभाग द्वारा प्रलंबित कार्य तत्काल करने की सूचना भी वनविभाग के अधिकारियों को न्यायमूर्ति ने दी। इस समय न्यायमूर्ति सानप ने लोणार धारतीर्थ, दैत्यसुदन, लिंबी बारव, अहिल्याबाई होलकर अन्न छत्र का भी अवलोकन किया। उस परिसर में किए गया अतिक्रमण हटाने की सूचना उन्होंने नप को दी। इस समय सरस्वती, किन्ही मार्ग वन्यजीव अभयारण्य से जाने से यह मार्ग बंद कर, बाईपास का कार्य तथा देउलगांव कुंडपाल से निकले बाईपास का निर्माण कार्य भी तत्काल करने के निर्देश भी न्यायमूर्ति ने दिए। उन्होंने इस समय लोणार सरोवर में जानेवाले गंदेपानी प्रकल्प का भी अवलोकन किया।

न्यायमूर्ति ने नप के कार्य पर नाराजी प्रकट कर, सुधारना करने के आदेश नप को दिए। इस समय आयोजित लोणार सरोवर विकास ढांचे संदर्भ में आयोजित जायजा बैठक में विभागीय आयुक्त डॉ. दिलीप पांढरपट्टे, जिलाधिकारी एस. राममूर्ति, उपविभागीय अधिकारी गणेश राठोड़, वन्यजीव अभयारण्य के मुख्य वनसंरक्षक खैरनार, तहसीलदार सैफन नदाप, मुख्याधिकारी उपस्थित रहे।  इसी दौरान न्यायमूर्ति सानप ने आवास प्रकल्प का भी अवलोकन किया। उनकी इस भेंट से लोणार सरोवर के विकास ढांचे को गति प्राप्त होने की संभावना को बल मिला है।