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चंद्रपुर में किसान ने की खुदकुशी, RTI से खुलासा- 6 साल में 15000 ने की आत्महत्या

चंद्रपुर में किसान ने की खुदकुशी, RTI से खुलासा- 6 साल में 15000 ने की आत्महत्या

डिजिटल डेस्क, मुंबई। चंद्रपुर की ब्रह्मपुरी तहसील के मेंडकी गांव निवासी एक किसान ने कुएं में कूदकर खुदकुशी कर ली। घटना बुधवार तड़के 4 बजे के दरम्यान की है। मृतक का नाम नामदेव चिरकुटा महाडोरे बताया जा रहा है। सुत्रों के अनुसार किसान नामदेव पर बैंक का 1 लाख रुपए का कर्ज था। ऐसे में वह चिंतित रहता था। इस कारण उनके द्वारा आत्महत्या करने की चर्चा चल रही है। नामदेव अपने पीछे पत्नी, तीन बेटे, बहुएं व नाती छोड़ गए हैं। 

आरटीआई से मिली जानकारी  6 साल में 15 हजार आत्महत्या

उधर मुंबई में आरटीआई से खुलासा हुआ कि राज्य में पिछले छह सालों में 15 हजार से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी के मुताबिक साल 2015 तक लगातार बढ़ रहे किसान आत्महत्या के मामलों में धीरे-धीरे कुछ कमी आनी शुरू हुई है। आत्महत्या करने वाले किसानों में से सरकार ने करीब 58 फीसदी मामलों को ही आर्थिक सहायता देने के अनुकूल पाया है। आरटीआई कार्यकर्ता शकील अहमद शेख ने राजस्व विभाग से राज्य में किसान आत्महत्या से जुड़े आंकड़े मांगे थे। मिली जानकारी के मुताबिक साल 2013 से 2018 के बीच राज्य में कुल 15356 किसानों ने आत्महत्या की। इन मामलों में से राज्य सरकार ने 8911 को आर्थिक मदद देने के योग्य पाया है और 8868 मृत किसानों के परिवारों को आर्थिक मदद दे दी गई है। लेकिन आत्महत्या करने वाले 5713 किसानों के परिवारों को सरकार ने आर्थिक मदद देने योग्य नहीं पाया गया। इसके अलावा 732 मामलों में अभी सरकार मदद को लेकर कोई फैसला नहीं कर पाई है। इनमें से 59 मामले तो तीन साल से भी ज्यादा समय से सरकार के पास विचाराधीन हैं।

किस साल कितने किसानों ने की आत्महत्या

साल     आत्महत्या     पात्र     अपात्र     विचाराधीन      मदद दी गई
2013     1296          665      629            2             665
2014     2039        1358      678            7            1358
2015     3263        2152     1081           30           2150
2016     3080        1768     1292          20            1768
2017     2917        1638      987          292           1611
2018     2761        1330     1050          381           1316
कुल       15356        8911    5713          732           8868

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।