दैनिक भास्कर हिंदी: रिश्वतखोर प्रभारी प्राचार्य को चार साल की कैद, अर्थदंड भी देना होगा

July 18th, 2019

डिजिटल डेस्क, छिंदवाड़ा। संविदा शिक्षक का वेतन निकालने के एवज में पांच हजार की रिश्वत मांगने वाले प्रभारी प्राचार्य को विशेष सत्र न्यायाधीश ने दोषी करार देते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में चार साल की सजा और अर्थदंड से दंडित किया है। प्राचार्य को लोकायुक्त की टीम ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। जिला अभियोजन अधिकारी समीर पाठक ने बताया कि 21 जनवरी 2015 को माध्यमिक शाला हर्राकछार में पदस्थ एक संविदा शिक्षाकर्मी वर्ग तीन ने लोकायुक्त एसपी से शिकायत की थी कि वेतन निकालने के एवज में  हायर सेकेंडरी स्कूल छिंदा के प्रभारी प्राचार्य अरुण गढ़वाल ने पांच हजार रुपए की रिश्वत मांगी है। 25 जनवरी 2015 को लोकायुक्त की टीम ने कार्रवाई करते हुए परासिया स्थित डब्ल्यूसीएल रेस्ट हाउस में दो हजार रुपए की रिश्वत लेते प्रभारी प्राचार्य को गिरफ्तार किया था। प्रकरण विशेष सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में पेश किया गया था। न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद आरोपी अरुण गढ़वाल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 में तीन साल की सजा व पांच हजार रुपए अर्थदंड और धारा 13 (1)(डी), सहपठित धारा 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 में चार साल का सश्रम कारावास व पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।
 

युवती पर हमला करने वाले को आजीवन कारावास

चौरई के माचागोरा के समीप युवती का गला घोंटकर उसे मृत समझकर आरोपी ने झाडिय़ों में फेंक दिया था। पुलिस ने पीडि़ता को चौरई अस्पताल लाकर भर्ती कराया था। इस मामले में पीडि़ता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। इस मामले में विशेष न्यायाधीश एनके गोधा ने आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष लोक अभियोजक सुश्री मीरा राय ने बताया कि बसंत कॉलोनी निवासी संतोष पिता राजू मालवी ने 7 मई 2016 से 15 सितम्बर 2016 तक पीडि़ता को नागपुर में रखकर उसके साथ दुराचार किया। 15 सितम्बर की रात उसने चौरई के माचागोरा के पास पीडि़ता का गला दबाकर उसकी हत्या का प्रयास किया और उसे मरा समझकर झाडिय़ों में फेंककर फरार हो गया था। पीडि़ता की शिकायत पर चौरई पुलिस ने आरोपी संतोष के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इस मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश एनके गोधा ने आरोपी संतोष मालवी को दोषी करार दिया है। आरोपी को धारा 307 में दस साल की सजा व एक हजार रुपए अर्थदंड, धारा 201 में दो साल की सजा व पांच सौ रुपए अर्थदंड और एसटीएससी एक्ट की धारा 3 (2) 5 में आजीवन कारावास व एक हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

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