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आतंक का पर्याय बन चुका बाघ हुआ पिंजरे में कैद, मुकुंदपुर रवाना किया गया

आतंक का पर्याय बन चुका बाघ हुआ पिंजरे में कैद, मुकुंदपुर रवाना किया गया

डिजिटल डेस्क, सिवनी। आदमखोर होने के नक्शे कदम पर चल पड़े बाघ को अंतत: वन विभाग का टीम ने आज सुबह दबोच लिया और इसे रीवा के मुकुंदपुर के लिए रवाना किया गया है। बाघ के पकड़े जाने के बाद से यहां के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग का अमला भी इस बात से खुश है कि कोई जनहानि होने से पूर्व ही इस खतरनाक हो चुके बाघ को काबू में कर लिया गया। पकड़े गये बाघ के पैर में चोट है, जिससे वह लंगड़ाकर चल रहा था। माना जा रहा है कि संभवत: इसी वजह से वह आसान शिकार ढूंढ रहा था। बहरहाल जो भी हो दिन का चैन और रातों की नींद हराम कर देने वाला बाघ अब पिंजरे में कैद होकर रीवा की ओर कूच कर चुका है।

दो लोगों को कर चुका है घायल 
सिवनी जिले के परास पानी गांव में पिछले 1 हफ्ते से आतंक का पर्याय बने बाघ को आखिरकार पेंच टाइगर रिजर्व की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर पकड़ लिया। सुबह से हाथियों की मदद से बाघ पर निगरानी बनाई गई और स्पेशल टीम ने उसे ट्रेंकुलाइज कर पकड़ लिया। ज्ञात हो कि इस बाघ ने परासपानी निवासी पंचम गज्बे और लाइनमैन पर हमला कर घायल कर दिया था। बाघ की इस हरकत पर नियंत्रण करने के लिए आखिरकार वन विभाग के अधिकारियों ने उसे पकडऩे की योजना बनाई। 

मुकुंदपुर रीवा के लिए रवाना किया
पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर एमबी सरसैया के अनुसार बाघ लंगड़ाके चल रहा था। शायद वह किसी चोट का शिकार हुआ है। फिलहाल उसकी  शिफ्टिंग कहां होगी यह उच्चस्तरीय निर्देश के बाद ही तय होगा। इसके फौरन बाद उच्चाधिकारयों के निर्देश पर पकड़े गए पेंच टाइगर रिजर्व के इस बाघ को रीवा के मुकुंदपुर ले जााने की तैयारी की जाने लगी। पूरी तैयारी के बाद बाघ को मुकुंदपुर के लिए रवाना किया गया है।
 

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