दैनिक भास्कर हिंदी: मुकेश अंबानी को 17 करोड़ का चूना लगानेवाला पूर्व अधिकारी और लवर गिरफ्तार

March 27th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। उद्योगपति मुकेश अंबानी की कंपनी को 17 करोड़ रुपए का चूना लगाने वाले कंपनी के एक पूर्व अधिकारी और उसकी प्रेमिका को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी मुकेश शाह ईशा बिल्डटेक और ईशा इफ्राटेक कंपनियों का निदेशक था। आरोपी ने अंबानी परिवार के कफ परेड स्थित सी विंड बिल्डिंग की मरम्मत के नाम पर रकम हासिल की लेकिन मरम्मत का काम कभी हुआ ही नहीं। मामले में पुलिस ने शाह की प्रेमिका महबूबा मोइनुद्दीन को भी गिरफ्तार किया है।

शाह रिलायंस समूह में साल 1988 से काम कर रहा था। लेकिन पिछले साल सितंबर महीने से वह गायब हो गया। घाटकोपर में रहने वाले उसके परिवार वालों ने उसकी गुमशुदगी की शिकायत भी दर्ज कराई थी। इससे पहले उसने जून महीने में रिलायंस कंपनी से इस्तीफा दे दिया और ऑफिस जाना बंद कर दिया था। उसकी जगह नियुक्त हुए निदेशक ने छानबीन में पाया कि पैसों के लेन देन में भाड़ी गड़बड़ी हुई है। मरम्मत के नाम पर कंपनियों के खातों से करीब 17 करोड़ रुपए का भुगतान कर दिया गया है लेकिन मरम्मत का काम कभी किया ही नहीं गया।

छानबीन में यह भी खुलासा हुआ कि शाह ने एक कर्मचारी के फर्जी हस्ताक्षर कर रकम निकाली थी। इसके बाद शाह के खिलाफ मुंबई के कफ परेड पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने महबूबा के भाईंदर स्थित घर की तलाशी के दौरान 85 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। कोर्ट में पेशी के बाद आरोपियों को 29 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। 

घूस लेते एपीआई व इंजीनियर गिरफ्तार

उधर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने 25 हजार रूपए की घूस ले रहे एक सहायक पुलिस निरीक्षक (एपीआई) को रंगेहाथों गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी शिकायतकर्ता के खिलाफ एक मामले में शिकायत न दर्ज करने के लिए घूस मांगी थी। इसके अलावा अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई न करने के लिए घूस लेने वाले एक इंजीनियर को भी गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार पुलिस इंस्पेक्टर का नाम आसिफ वहाब बेग (38) है। बेग पालघर के माणिकपुर पुलिस स्टेशन में तैनात था। मामले में शिकायतकर्ता ने एक महिला के खिलाफ असंज्ञेय अपराध (एनसी) दर्ज कराई थी। इस मामले में महिला की ओर से भी शिकायत की गई थी। बेग ने महिला की शिकायत न दर्ज करने के ऐवज में 50 हजार रूपए की मांग की। मोलभाव के बाद वह 25 हजार रूपए लेने को तैयार हो गया। लेकिन शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी एसीबी को दे दी जिसने जाल बिछाकर बेग को रंगेहाथों दबोच लिया। वहीं एक और मामले में एसीबी ने मुंबई महानगर पालिका के एन वार्ड में तैनात श्रीकांत वरूडे नाम के एक कनिष्ठ अभियंता को भी 10 हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। वरुडे ने घाटकोपर के रमाबाई नगर में रहने वाले शिकायतकर्ता घर के मरम्मत के ऐवज में 40 हजार रुपए की घूस मांगी थी। हालांकि बाद में वह 10 हजार रुपए लेने पर राजी हो गया। लेकिन सूचना मिलने के बाद एसीबी ने उसे रंगेहाथों दबोच लिया।  
 

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