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स्वर्ण योजना के नाम पर धोखाधड़ी: सराफा व्यापारी सहित परिवार के 4 सदस्यों के खिलाफ प्रकरण दर्ज

स्वर्ण योजना के नाम पर धोखाधड़ी: सराफा व्यापारी सहित परिवार के 4 सदस्यों के खिलाफ प्रकरण दर्ज

डिजिटल डेस्क, नागपुर। करीब आधा दर्जन लोगों से धोखाधड़ी करने वाले सर्राफा व्यापारी के परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ रविवार को हुड़केश्वर थाने में प्रकरण दर्ज किया गया। आरोप है कि, इन लोगों ने झांसा देकर लाखों रुपए ऐंठ लिए हैं।  आरोपी सर्राफा व्यापारी धीरज बांगरे (36), उसके पिता प्रकाश बांगरे (60), पत्नी रुपाली धीरज बांगरे (32) और बहन अपेक्षा प्रकाश बांगरे (30) सभी शारदा नगर निवासी हैं। पीड़ित इंडियन ऑइल कार्पोरेशन के सेवानिवृत्त अधिकारी रामकृष्ण शेटे, अंगद भरणे, उषा गायकवाड़, दिनेश माटे, अमोल बंसोडे और रंजना कांबले हैं। प्रकरण 11 सितंबर 2017 से 13 जुलाई  2019 के बीच का है।

रामकृष्ण का चंद्रभागा नगर में रुपेश कॉम्पलेक्स में दुकान का कमरा है, जो धीरज और उसके पिता प्रकाश बांगरे ने किराए पर लिया था। डिपॉजिट के तौर पर बांगरे पिता-पुत्र को 50 हजार रुपए मांगे गए थे, लेकिन उन्होंने डिपॉजिट की रकम रामकृष्ण को नहीं दी। बल्कि, वह साढ़े तीन हजार रुपए के बजाय साढ़े चार हजार रुपए दुकान का िकराया लेने लगे थे। चार पांच महीने धीरज ने बराबर किराया दिया था। इसके बाद आर्थिक तंगी का हवाला देकर उसने किराया देना बंद कर दिया। धंधा बढ़ाने के लिए धीरज ने पांच लाख रुपए रामकृष्ण से उधार लिए। बाद में धीरज ने हिंगना तहसील के मौजा सिरूड़ स्थित प्लाट नंबर-65 का सौदा दस लाख रुपए में रामकृष्ण से किया। इसी दौरान वह डेढ़ लाख रुपए का मंगलसूत्र,10 तोले के आभूषण भी रामकृष्ण की पत्नी से यह कहकर ले गया कि, उसके मंगलसूत्र जैसी डिजाइन ग्राहक को बनाकर देना है। बाद में मगलसूत्र का भी गबन किया।

दुकान की आड़ में शुरू की योजना
इसी बीच प्रकाश ने अपनी दुकान की आड़ में सुवर्ण योजना शुरू की। इसके लिए सदस्य बनाकर उनसे घरेलू संबंध स्थापित किए। बाद में अगल-अलग कारण बताकर अंगद से 6 लाख 79 हजार रुपए, उषा से साढ़े छह लाख रुपए का 21 तोला सोना और नकद 4 लाख 80 हजार रुपए, दिनेश से 3 लाख 55 हजार 153 रुपए, अमोल से 1 लाख 50 हजार रुपए और रजनी से 3 लाख 60 हजार रुपए, इस प्रकार कुल 49 लाख 74 हजार 153 रुपए इन लोगों से लेकर गबन किया है। अभी तक सिर्फ छह लोगों ने इसकी शिकायत की है, जबकि पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम इससे ज्यादा होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। सहायक निरीक्षक विजय नाईक ने प्रकरण दर्ज किया है। जांच जारी है। 
 

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