दैनिक भास्कर हिंदी: गन्ना किसानों से बातचीत को तैयार हुई सरकार, NCP ने कहा गोलीकांड की जांच कराएं  

November 15th, 2017

डिजिटल डेस्क, मुंबई। गन्ने की दर को लेकर अहमदनगर में हुई गोलीबारी और हिंसक आंदोलन के बाद सरकार किसानो से बातचीत के लिए तैयार है। वहीं NCP ने गोलीकांड की जांच कराने की मांग की है। सहकारिता मंत्री सुभाष देशमुख ने कहा कि किसानों को गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) के अनुसार राशि मिलेगी। लेकिन किसान हिंसक आंदोलन न करें। इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला है। बुधवार को देशमुख ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले साल की तुलना में 250 रुपए FRP बढ़ाया है। जिसके अनुसार गन्ने की दर न देने वाले चीनी कारखानों के खिलाफ सरकार सख्ती से कार्रवाई करेगी। देशमुख ने कहा कि सरकार गन्ना उत्पादक किसानों से बातचीत के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि चर्चा और बातचीत के जरिए ही समस्या पर समाधान निकलेगा।

FRP से 200 रुपए ज्यादा दर देने का फार्मुला

देशमुख ने कहा कि आंदोलनकारी किसानों को सड़कों पर उतर करके सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। बसों की तोड़फोड़ और ट्रकों का टायर जलाना ठीक नहीं है। टायर चलाने से ट्रकों में रखे गन्ने का नुकसान होता है। किसानों ने गन्ने के लिए प्रति टन 3100 रुपए का भाव देने को लेकर आंदोलन किया है। इसके लिए चीनी कारखाना मालिक और किसानों को मिलकर बैठक के जरिए हल निकालना चाहिए। कोल्हापुर जिले में गन्ने के लिए FRP से 200 रुपए ज्यादा दर देने का फार्मुला निकाला गया है। वही फार्मुला सोलापुर में भी लागू करने के लिए सहमति बन चुकी है। इसी तर्ज पर बाकी के जिलों को फैसला लेना चाहिए।

पड़ोसी राज्यों में गन्ना बेच सकते किसान

ज्यादा भाव मिलने पर राज्य के किसान पड़ोसी राज्य गुजरात और कर्नाटक में भी गन्ना बेच सकते हैं। सरकार ने गन्ना किसानों के लिए राज्य और जोन के बाहर गन्ना न बेचने पर लगी पाबंदी को हटा दिया है। देशमुख ने कहा कि किसानों ने चीनी कारखानों के वजन मापन मशीन को लेकर आशंका जताई है। इसलिए सरकार ने जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में एक उड़न दस्ता तैयार करने का फैसला लिया है। इसमें पुलिस प्रशासन, सहकारिता विभाग, राजस्व विभाग और किसानों के प्रतिनिधि का समावेश होगा। यह दस्ता शिकायत मिलने पर या फिर औचक निरीक्षण करेगा।

विपक्ष ने सरकार को घेरा  

इस बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने अहमदनगर के शेवगांव में किसानों पर हुई गोलीबारी की घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। जबकि विधान परिषद में विपक्ष के नेता धनंजय मुंडे ने गोलीबारी की घटना की निंदा की है। विधानसभा में विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखेपाटील ने कहा कि सरकार आंदोलन को जबरन दबाना चाहती है। मुंडे ने कहा कि न्याय के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने वाले किसानों पर गोली चलवाने वाली सरकार को जनता जमीन में गाड़े बिना नहीं रहेगी। वहीं स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता रविकांत तुपकर ने  कहा कि सरकार किसानों की मांगों पर फैसला नहीं लेगी तो हम राज्य भर में आंदोलन करेंगे। गौरतलब है कि गन्ने को 3100 रुपए प्रति टन के हिसाब से भाव देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अहमदनगर के शेवगांव में किसानों पर गोलीबारी हुई है। जिसमें दो किसान घायल हुए हैं। औरंगाबाद और सोलापुर जिले में भी गई जगहों पर आंदोलन और धरना प्रदर्शन शुरु हैं।