दैनिक भास्कर हिंदी: बारिश के पूर्व गड्‌ढे नहीं बुझाए तो होगी कार्रवाई- पालकमंत्री बावनकुले

June 11th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  बारिश का मौसम चालू होने वाला है। शहरभर में जगह-जगह बिजली कंपनी ने कार्य के दौरान सड़कों पर जो गड्ढे खोदे है, उन्हें बारिश से पूर्व बुझाया जाए, ताकि बारिश में नागरिकों को किसी भी तरह की कोई परेशान न हो। यह निर्देश पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दिए। वे मनपा के क्षेत्र में चालू विभिन्न कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान मनपा मुख्यालय के सभागृह में बोल रहे थे। उन्होंने कामकाज में कोताही बरतने पर सख्त कदम उठाने की भी चेतावनी दी।

बैठक में महापौर नंदा जिचकार, आयुक्त अभिजीत बांगर, पूर्व महापौर प्रवीण दटके, विधायक सुधाकर कोहले, कृष्णा खोपड़े, वरिष्ठ नगरसेवक दयाशंकर तिवारी, अतिरिक्त आयुक्त रवींद्र ठाकरे, मुख्य अभियंता उल्हास देबडवार, जल प्रदाय समिति के सभापति पिंटू झलके, माधुरी ठाकरे, रिता मुले, रुपाली ठाकुर, स्वाति आखतकर, डॉ. रवींद्र भोयर, नासुप्र के अधीक्षक अभियंता सुनील गुज्जलवार, महावितरण के मुख्य अभियंता दिलीप घुगल, महावितरण के अधीक्षक अभियंता दिलीप दोड़के आदि उपस्थित थे। बैठक में नगरसेवकों ने शिकायत की कि शहरभर में बिजली कंपनी ने कई जगह गड्ढे खोदकर छोड़ दिए, कंपनी ने सड़क पर सामान रखा है। एक बार फिर गड्ढे खाेदने के लिए मनपा से अनुमति मांग रहे है जबकि पहले खोदे गए गड्ढों को सही से बुझाया नहीं गया है।

बारिश के दिनों में नागरिकों को खासी परेशानी होगी। इस पर पालकमंत्री ने कहा कि जल्द ही गड्ढे बुझाने व लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं पालकमंत्री को बताया गया कि नजूल की जगह पर पट्टे बांटने के लिए दुय्यम निबंधक रजिस्ट्री के लिए गए थे इसमें डेढ़ सौ वर्गफुट के लिए 44 हजार रुपए शुल्क मांगा जा रहा है। इस पर पालकमंत्री ने अधिकारियों को फोन कर समस्या सुलझाने के निर्देश दिए। इसके अलावा दक्षिण नागपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न कार्यों की समीक्षा ली। साथ ही निर्देश दिए कि राजाबाक्षा मंदिर के विकास के लिए मंजूर निधि का तत्काल उपयोग कर काम चालू करें और रमना मारोती ‘क’ वर्ग तीर्थक्षेत्र विकास हेतु मंजूर निधि से परिसर का सौंदर्यीकरण किया जाए। छोटा ताजबाग के स्वदेश दर्शन अंतर्गत तकनीक अड़चन को दूर कर प्रस्तावित विकास किया जाएगा। दक्षिण नागपुर में झोपड़पट्टी धारकाें को पट्टे वितरण में आने वाली अड़चन को दूर करने के निर्देश दिए गए। वहीं  कस्तूरचंद पार्क में प्रस्तावित सबसे ऊंचे राष्ट्रध्वज के अटके पड़े  काम के लिए 11 जून को बैठक लेकर निर्णय लेने की जानकारी दी।