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 ‘वे’ कार्यकारी राष्ट्रपति पहले और बाद में उपराष्ट्रपति बने

October 20th, 2019 16:57 IST
 ‘वे’ कार्यकारी राष्ट्रपति पहले और बाद में उपराष्ट्रपति बने

डिजिटल डेस्क, नागपुर। विदर्भ व नागपुर की धरती से जुड़े अनेक शख्स ऐसे हैं, जिन्होंने बाद में न केवल राज्य (महाराष्ट्र) बल्कि, राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा के झंडे गाड़े हैं। नागपुर से अपना कैरियर शुरू करने वाले मोहम्मद हिदायतुल्लाह न केवल सरकारी वकील, महाधिवक्ता, हाईकोर्ट जज, सुप्रीम कोर्ट जज बल्कि, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया भी बने। भारत के वे एकमात्र व्यक्ति हैं, जो कार्यकारी राष्ट्रपति पहले बने, बाद में निर्विरोध उपराष्ट्रपति चुने गए। राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन से रिक्त हुए राष्ट्रपति पद पर उपराष्ट्रपति वी.वी. गिरि को शपथ दिलाई गई। बाद में गिरी ने राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए अपना पद त्याग दिया। नवतत्कालीन भारत के मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद हिदायतुल्लाह को 34 दिन के लिए (20 जुलाई 1969 से 24 अगस्त 1969) कार्यकारी राष्ट्रपति रहने का सौभाग्य मिला। कालांतर में वे देश के 1979 से 1984 तक निर्विरोध चुने गए उपराष्ट्रपति रहे। जीवन के उतार-चढ़ाव की बात करें, तो पी.वी. नरसिंहराव नागपुर में पढ़े और राजनीतिक उथल-पुथल के चलते वे रामटेक से 2 बार सांसद भी चुने गए। किंतु जब पी.वी. नरसिंहराव प्रधानमंत्री बने तो वे संसद के किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे।बहुत कम लोग जानते होंगे कि बापूजी अणे बिहार के (12 जनवरी 1948 से 14 जून 1952) राज्यपाल रहने के बाद 1962 में नागपुर से लोकसभा का चुनाव रिखबचंद शर्मा के खिलाफ लड़े और जीते भी। यह बात अलहदा है कि 1967 में बापूजी अणे एक बुनकर नेता नरेंद्र देवधरे के खिलाफ चुनाव लड़े और हार गए। यहां यह बता दें कि बापूजी अणे और रिखबचंद शर्मा दोनों ही विदर्भ कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भी रहे। मोहम्मद हिदायतुल्लाह को हाईकोर्ट का सबसे युवा मुख्य न्यायाधीश रहने का सम्मान प्राप्त है। उन्हें बाद में पद्म विभूषण अलंकार से नवाजा भी गया था। देश में अब तक 3 बार ऐसा अवसर आया िक किसी को कार्यकारी राष्ट्रपति बनाया गया। पहले थे वी.वी. गिरि, दूसरे मोहम्मद हिदायतुल्ला और तीसरे में बी.डी. जत्ती।

अब सोशल मीडिया से रणनीति

ताजा दौर की बात करें तो अब चूहा और गुप्त बैठकें पुरानी हो गईं। सोशल मीडिया के जरिए मतदान के अंतिम क्षण तक मतदाता का मत-परिवर्तन करने पर रणनीति तैयार की जा रही है। सोशल मीडिया विश्लेषक अजीत पारसे ने कहा कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के नए अध्ययन में दावा किया गया है कि युवाओं के लिए सोशल मीडिया मादक पदार्थ जैसा हो गया है। कोई पोस्ट री-ट्विट, शेयर अथवा लाइक करने पर उसके दिमाग पर कोकीन की तरह असर करती है। इस रिपोर्ट के आधार पर सोशल मीडिया उपयोगकर्ता की मानसिकता का अनुमान लगाकर मतदान के अंतिम पल तक मतदाता का मत-परिवर्तन किया जा सकता है। मतदान के लिए कतार में खड़े सोशल मीडिया उपयोगकर्ता का ग्रुप पर उसके पसंदीदा उम्मीदवार के बाबत कोई अफवाह आने पर वह इसकी जांच-पड़ताल किए बिना अपना विचार बदल सकता है। 

असर से इनकार नहीं  

अजित पारसे, सोशल मीडिया विश्लेषक के मुताबिक फिलहाल युवा सोशल मीडिया की सूचना पर निर्भर हो गया है। इसे ध्यान में रखकर उम्मीदवार की छवि खराब या अच्छी बनाने पर ज्यादातर काम किया जा रहा है। इसका परिणाम सोमवार को होने वाले मतदान पर होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। सोशल मीडिया के कारण ईवीएम में वोट डालने तक मतदाता की मानसिकता बदली जा सकती है। 

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Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत के घरेलु वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम ने आज घोषणा की है कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम मनी ने देश में सभी के लिए स्टॉकब्रोकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 10 लाख से अधिक निवेशकों को जोड़ना है, जिसमें अधिकतर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले फर्स्ट टाइम यूजर्स होंगे। इस प्रयास का उद्देश्य उत्पाद के आसान उपयोग, कम मूल्य निर्धारण (डिलीवरी ऑर्डर पर जीरो ब्रोकरेज, इंट्राडे के लिए 10 रुपये) और डिजिटल केवाईसी के साथ पेपरलेस खाता खोलने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करना तथा अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचना है। कंपनी भारत में सबसे व्यापक ऑनलाइन वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनने के लिए प्रयासरत है, जो वित्तीय समावेशन के लक्ष्य के तहत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

पेटीएम मनी को अपने शुरुआती प्रयास में ही लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली और उसने 2.2 लाख से अधिक निवेशकों को अपने साथ जोड़ लिया। इनमें से, 65% उपयोगकर्ता 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी वेल्थ पोर्टफोलियो का निर्माण कर रही है। टियर-1 शहरों जैसे मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद में इस प्लेटफार्म को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। ठाणे, गुंटूर, बर्धमान, कृष्णा, और आगरा जैसे छोटे शहरों में भी लोगों का भारी झुकाव देखने को मिला है। यह सेवा सुपर-फास्ट लोडिंग स्टॉक चार्ट्स, ट्रैक मार्केट मूवर्स एंड कंपनी फंडामेंटल्स सुविधाओं के साथ अब आईओएस, एंड्रॉइड और वेब पर उपलब्ध है। पेटीएम मनी ऐप शेयरों पर निवेश, व्यापार और सर्च के लिए प्राइस अलर्ट और एसआईपी सेट करने के लिए आसान इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

इस अवसर पर पेटीएम मनी के सीईओ, वरुण श्रीधर ने कहा, "हमारा उद्देश्य वेल्थ मैनेजमेंट सेवाओं को आबादी के बड़े हिस्से तक पहुंचाना है, जो आत्मानिर्भर भारत के लक्ष्य में योगदान करेगी। हमारा मानना है कि यह मिलेनियल और नए निवेशकों को उनके वेल्थ पोर्टफोलियो के निर्माण में सक्षम बनाने का समय है। प्रौद्योगिकी पर आधारित हमारे समाधान शेयर में निवेश को सरल और आसान बनाता है। हम वर्तमान उत्पादों को चुनौती देते रहेंगे और भारत के सर्वश्रेष्ठ उत्पाद का निर्माण करते रहेंगे। हम पेटीएम मनी को सभी भारतीय के लिए एक व्यापक वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। "

इतने कम समय में पेटीएम मनी पर स्टॉक ट्रेडिंग को व्यापक रूप से अपनाया जाना काफी महत्व रखता है। यह हर भारतीय के लिए डिजिटल निवेश को आसान बनाने के कंपनी के प्रयासों की सराहना को भी दर्शाता है। शेयरों में आसान निवेश के साथ, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ता को बाजार के बारे में शोध करने, मार्केट मूवर्स का पता लगाने, अनुकूल वॉचलिस्ट तैयार करने और 50 से अधिक शेयरों के लिए प्राइस अलर्ट सेट करने के अवसर प्रदान करता है। इसके अलावा, उपयोगकर्ता स्टॉक के लिए साप्ताहिक / मासिक एसआईपी सेट कर सकते हैं, और स्टॉक में निवेश को आॅटोमेट कर सकते हैं। बिल्ट-इन ब्रोकरेज कैलकुलेटर के साथ, निवेशक लेनदेन शुल्क का पता लगा सकते हैं और शेयरों को लाभ पर बेचने के लिए ब्रेक-इवेन प्राइस जान सकते हैं। इसके अलावा, स्टॉक ट्रेडिंग के अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए एडवांस्ड चार्ट और अन्य विकल्प जैसे कवर चार्ट तथा ब्रैकेट ऑर्डर भी जोड़े गए हैं। इन सुविधाओं के अलावा बैंक-स्तरीय सुरक्षा के साथ निवेशकों के व्यक्तिगत डेटा को सुरक्षित रखते हुए अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।


पेटीएम मनी के बारे में
पेटीएम मनी वन97 कम्युनिकेशंस की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। वन97 कम्युनिकेशंस भारत की घरेलू वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम का स्वामित्व भी रखता है। यह देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन इंवेस्टमेंट प्लेटफार्म है, और अब इसने उपयोगकर्ताओं के लिए डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स और एनपीएस के अपने वर्तमान आॅफर में स्टॉक्स को भी जोड़ दिया है। पेटीएम मनी का लक्ष्य एक पूर्ण-स्टैक इंवेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनना और लाखों भारतीयों तक धन सृजन के अवसरों को पहुंचाना है। बेंगलुरु स्थित मुख्यालय से संचालित इस कंपनी की टीम में 300 से अधिक सदस्य हैं।